मंडी में मंदी क्यों? - ये जानने आज़ादपुर मंडी में मज़दूरों, व्यापारियों और किसानों से मुलाकात की!
जटाशंकर एक मज़दूर हैं, जो इस काम के कारण एक साल से ज़्यादा से घर नहीं जा पाए हैं, अपने परिवार से नहीं मिल पाए हैं। जाएं भी तो कैसे, काम छूटा तो पैसे कट जाएंगे और इस महंगाई में गुज़ारा और मुश्किल हो जाएगा।
एक दुकानदार ने ये भी बताया कि नुकसान के कारण हफ्ते में दो से तीन रातें भूखे ही सोना पड़ता है। देश के ग़रीबों की समस्याओं का समाधान करना तो दूर, सरकार उन्हें सुन तक नहीं रही है!
समय बदलेगा, भारत जुड़ेगा, ग़रीबों के आंसू पोछे जाएंगे।
यह पूरी बातचीत मेरे यूट्यूब चैनल पर देखें।