The Indian Man @ Work. ❤Pr Secretary to the Government of Karnataka, Policy Maker, Administrator, Believer in Universal Brotherhood. RTs are not endorsement.

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वाराणसी: काशी रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के नाम पर रेलवे प्रशासन ने मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित करीब 900 साल पुरानी 'मस्जिद गंज शहीदा' को 20 जून 2026 तक खाली करने का नोटिस चस्पा किया है। प्रशासन का कहना है कि यह मस्जिद विकास कार्यों में बाधा बन रही है। रेलवे के अनुसार, इस जमीन से जुड़ा मुकदमा सिविल कोर्ट द्वारा पहले ही खारिज किया जा चुका है। वहीं, ज्ञानवापी मस्जिद की देखरेख करने वाली अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने इस नोटिस की वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कमेटी के सचिव एस.एम. यासीन का दावा है कि यह ऐतिहासिक मस्जिद 1034 ईस्वी की है और 1883-84 के बंदोबस्ती नक्शे में भी दर्ज है, जबकि काशी स्टेशन का निर्माण काफी बाद में, वर्ष 1887 में हुआ था। उन्होंने कहा कि कोर्ट में मुकदमा केवल पैरवी न होने के कारण खारिज हुआ था। ऐसे में कमेटी इस नोटिस के खिलाफ जल्द ही हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने की तैयारी कर रही है।
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बच्ची ने क्या कमाल की एक्टिंग की है- पहली वाली को भी फेल कर गई 😃और उसकी असलियत सामने आ गई.

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गोलियां मुलायमसिंह ने नही सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर तब के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नृपेंद्र मिश्रा ने चलवाई थी जो आज राममंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं। बोलने पहले पढ़ लिया करें सभी गोबरभक्त नही हैं।
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RT @SushantSin: Mr Bhagwat's logic that RSS doesn't need to register because it doesn't take government money is laughable. Will other orga…
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इस हरामखोर से गद्दारी की उम्मीद नहीं थी!
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𝐓𝐇𝐄 𝐆𝐇𝐎𝐒𝐓 𝐓𝐇𝐀𝐓 𝐀𝐂𝐓𝐔𝐀𝐋𝐋𝐘 𝐑𝐔𝐋𝐄𝐒 𝐈𝐍𝐃𝐈𝐀! What if I told you that India's Most Powerful Organization — The One That Decides Policies, Controls The Ruling Party, and Shapes The Destiny Of 1.4 Billion People — Does Not Even Legally Exist On Paper? A fresh RTI reply from the Government itself admits: They have ZERO record of RSS registration. No Society. No Trust. No NGO. No Formal Legal Entity. Yet this "𝐆𝐡𝐨𝐬𝐭 𝐎𝐫𝐠𝐚𝐧𝐢𝐳𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧" runs the Biggest Political Ecosystem in the Country, Handles Massive Funds Through "𝐆𝐮𝐫𝐮 𝐃𝐚𝐤𝐬𝐡𝐢𝐧𝐚", and Faces Zero Accountability — No Proper Audits, No Donor Disclosure, No RTI. This is Not Hidden. This is Hiding In Plain Sight. #INDvsPAK #StraitOfHormuz
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Bina naam liye bhai ne sab kuch bol diya... 👏👏 Via : Bhupendra Singh Khidia (Instagram)
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पुलवामा अटैक में आरडीएक्स कहां से आया यह आज तक नहीं पता चला #cjp की फंडिंग बाहर से हो रही है 2 मिनट में पता चल गया।
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Look at the condition of the Shatabdi Express, one of the country's premier trains. This government does not maintain it properly. By intimidating the media, they can portray everything in the country as being fine. Come down to the ground reality and see for yourself.
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जिसका इंतजार था उसका वीडियो आ गया, "दो कौड़ी" और CBSE पर क्या कमाल का पंच मारा है शेखर सुमन ने, सारे धागे ही खोल दिए।
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बाप ने 'नफ़रत' की और बेटे को सज़ा मिली: पूर्व सांसद ने कही बड़ी बात #America #Oman #India #News #BJP
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6 साल से उमर ख़ालिद जेल में हैं, उमर की जिंदगी के 5 साल जाया हो गए क्यों?? -55 तारीखों पर ट्रायल कोर्ट के जज छुट्टी पर थे. -26 तारीखों पर समय की कमी के कारण मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी. -59 तारीखों पर सरकारी वकील के मौजूद न होने के कारण मामले पर सुनवाई नहीं हो सकी. -4 तारीखों पर वकीलों की हड़ताल के कारण कोई सुनवाई नहीं हुई. दिल्ली दंगों से जुड़ी सुनवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट में उमर खालिद की तरफ से वकील कपिल सिब्बल ने ये बातें बताई थीं। फरवरी 2020 के दंगों से जुड़ी 751 FIR दर्ज की गई हैं. लेकिन उमर के खिलाफ सिर्फ एक FIR में आरोप लगाए गए हैं । अगर वह दिल्ली दंगों के मास्टरमाइंड है, तो सिर्फ एक FIR में उनका नाम क्यों है. खालिद तो उन तारीखों पर दिल्ली में मौजूद भी नहीं थे. पर उन्हें ज़मानत नहीं दी गई! सबूत और गवाह वही हैं." उनके पास से कोई हथियार या कोई आपत्तिजनक सामान बरामद नहीं हुआ है. उमर खालिद के ख़िलाफ़ किसी भी हिंसा का कोई फ़िज़िकल सबूत नहीं है. खालिद पर हिंसा के लिए कोई फ़ंड जमा करने या हिंसा की अपील करने का कोई आरोप नहीं है. खालिद के ख़िलाफ़ एकमात्र आरोप एक भाषण है जो उन्होंने 17 फरवरी को महाराष्ट्र के अमरावती में दिया था. उस भाषण में असल में अहिंसा के गांधीवादी सिद्धांतों का ज़िक्र किया गया था और इसे किसी भी तरह से भड़काऊ नहीं माना जा सकता.
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