भारत में साइकिल चलाना हीन तो समझा ही जाता है, बेहद जोखिम भरा भी है। पैदल और साइकिल से चलने वालों के लिए सड़कों को सुरक्षित बनाना जरूरी है।
साइकिल को सम्मान के साथ जोड़ना होगा। ऑटो और बाइक सेक्टर ने अंधाधुंध प्रचार से साइकिल को किनारे कर दिया है। प्राइवेट वाहनों की अंधी दौड़ में साइकिल चलाना हीनता की नज़र से देखा जाता है।आइये साइकिल को फिर से अपनाएँ।