कहानियां आवश्यक हैं क्योंकि उनमें किसी मनुष्य को सिखाने की शक्ति होती है, परन्तु उसे इतिहास से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता.
संस्कृति इतिहास से ही प्रमाणित हो सकती है. इसके लिए सुनना, कहना और शास्त्रार्थ अवश्यक है न कि झगडा और FIR.
हमारे देश में आधुनिक समय में भी ऋषि हैं पर वो सुने नहीं जाते. कहानियों, सोशल मिडिया, भव्यता और लोगों की अरुचि ने उनकी आवाज़ को कभी गूंजने नहीं दिया.
संस्कृति को समझो और इतिहास का प्रचार प्रसार करो, इसी से सनातन बचा है और इसी से पूरे विश्व को प्रभावित करके विश्वगुरु बनेगा. नहीं तो विदेशी ही इस वैज्ञानिक संस्कृति का उपयोग करेंगे और हम केवल शब्दों से खेलते रहेंगे. ॐ