आपये कैसे कह सकते हैं कि साहब ने घुटने टेक् दिए,श्रीमानजी घुटने नहीं टेके,घुटने के बल बैठ गए,ये शोभा नहीं सम्मान है अमेरिका के प्रति,और आप कहां इंदिरागांधी जी से तुलना कररहे हैं साहब की,इंदिरागांधी ने जन्म लिया था और साहब ने अवतार,भारतपर हमे मरण तक गर्व रहेगा क्यूंकि ये रामराज है
नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनियां में भारत का नाम डूबा दिया। क्या अब हमें ईरान से भी ये सब सुनना पड़ेगा?