राहुल गाँधी छात्रों कि आवाज़ बनने उतरे हैं, उन्हें सुनिए, उन्होंने कहा-‘आकांक्षा आज हमारे बीच नहीं है, उसने खुदकुशी कर ली। वो डॉक्टर बनना चाहती थी। उसके पिता ने कर्ज लेकर उसे पढ़ाया, लेकिन पेपर लीक हो गया। आकांक्षा ने चिट्ठी में कहा- सॉरी मम्मी पापा मैंने सब कुछ बर्बाद कर दिया आप दोनों का…
राहुल गाँधी ने जब आकांक्षा की चिट्ठी पढ़ी, तो लाखों लोगों की आँखें नम हो गईं। उस चिट्ठी में सिर्फ़ एक बेटी का दर्द नहीं था, बल्कि उन हजारों-लाखों छात्रों की टूटती उम्मीदों की कहानी थी, जो एक निष्पक्ष परीक्षा और बेहतर भविष्य का सपना देखते हैं।