आज इसके नेतृत्व में देश की संप्रभुता को सीधे-सीधे ख़तरा है।
छोटे-छोटे देश भी हमें आँख दिखाकर चले जाते हैं।
देश का सारा पैसा COMPROMISED को संकटों से बाहर निकलने में लग रहा है।
महंगाई की वजह से लोग जानवरों जैसी ज़िंदगी जीने को मजबूर हैं।
अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की हत्या के चंद दिन बाद - न अफ़सोस, न माफ़ी। उल्टा, अमेरिका ने आदेश देना जारी रखा है।
उनके शब्द पढ़िए: “अमेरिकी सेना के आदेश तुरंत मानें।” कोई उल्लंघन “बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
एक आज़ाद देश इस तरह की भाषा कभी नहीं सहेगा। लेकिन हमारे Compromised PM? चुप। एक आज्ञाकारी नौकर की तरह सुनते हैं, और आदेश मान लेते हैं।
Compromised PM देश के सम्मान की रक्षा नहीं करेगा - क्योंकि जो देश का अपमान करते हैं, वो उन्हीं के वश में हैं।