बीते 6 घंटे में 3 बार पथराव, लाठीचार्ज, गिरफ़्तारियाँ।
उत्तराखंड में बेचैनी चरम पर है। युवाओं की ये निराशा, चीख और उग्र रूप एक दिन में नहीं उभरा है। पलायन से पीड़ित राज्य में सरकारी नौकरी ही आम आदमी की एकमात्र सेफ भविष्य की उम्मीद होती है जिसे नक़लमाफिया ने ध्वस्त कर दिया है।