मौन सिर्फ मानसिक शांति या आत्म-मंथन के लिए कुछ पल के लिए अच्छा हो सकता है, लेकिन दुनिया को बदलने, न्याय पाने, रिश्ते बचाने और तरक्की करने के लिए शब्दों, तर्कों और आवाज़ की ही ज़रूरत होती है। इसलिए, "सारे उत्तर मौन में नहीं, बल्कि सही संवाद में मिलते हैं।
कुछ उत्तर केवल मौन में ही मिलते हैं।