“ साहब ने बंगाल चुनाव जीतने के बाद अपने काफिले में गाड़ी कम कर दी है , 3 महीने से युद्ध हो रहा है साहब को तब याद नहीं आया है “
22 State के MP , MLA, और केंद्रीय कैबिनेट मिनिस्टर , सब बंगाल में थे क्या वो 1 महीने तक सब पैदल चले बंगाल में ??
क्या आसाम में सबने साइकिल से प्रचार किया , क्या केरल में या तमिलनाडु में कोई रोडशो नहीं हुआ है ??
अब साहब एक्टिंग के मोड़ में है जब पानी गले तक आ पहुंचा है सोचा अब हमारे हाथ से बाहर है अब जनता के ऊपर छोड़ देते है सब ,
जनता जीने के लिए , रोटी ख़ान के लिए घर से बाहर निकली हुई है बाइक से जाकर नौकरी कर रहे है मजदूरी कर रहे है !
किसी के घर में नौजवान लड़की बैठी है उसकी शादी करनी है साहब ने बोला है खाने के तेल का इस्तेमाल भी कम करना है मतलब की अब या तो सूखा खाओ ? या उबला हुआ खाओ ?
और उबला हुआ भी नहीं खा सकता है इसीलिए सूखा खाने की आदर डालो , बाक़ी साहब तो चल दिए है 5 विदेशी दौरे के लिए ,
जब वहाँ से आयेगे फिर आकर कोई टास्क देंगे की अब टॉयलेट भी कम इस्तेमाल करो , कुछ भी बोल सकते है
देश का क्या बना दिया है सब चीज 4 May के बाद याद आई है इससे पहले सब चंगा सी ?
क्या लॉकडाउन के आसार है ?????