सच बोलने वालों पर ₹50 करोड़ के मुकदमे ठोके जाते हैं तो समझ लो निशाना सिर्फ एक इंसान नहीं पूरी सोच होती है आज अगर सवाल पूछना गुनाह बना दिया गया
तो कल हर सच बोलने वाली आवाज़ को दबा दिया जाएगा डर और दबाव से इतिहास नहीं बदलता
सच की लड़ाई हमेशा आवाज़ उठाने वालों ने ही जीती है।