‘रमा सिंह दुर्गवंशी’ से मिलिए जो मुसलमानो की 150 साल पुरानी शैक्षिक संस्था ‘अंजुमन इस्लाम’ में काम करती है. रमा कहती है:👇
- मैं पिछले 10 साल से मुस्लिम समुदाय के साथ व्यापक रूप से काम कर रही हूं. मुझे आज तक किसी ने कन्वर्ट करने की कोशिश नहीं की.
- न मुझे कभी किसी ने बुर्का पहनाने की कोशिश की, न कभी किसी ने मेरे धर्म को नीचा दिखाया.
- अंजुमन में मैं बिंदी लगाकर जाती हूं, मुझे आजतक किसी ने नहीं टोका.
- जब कोई प्रेजिडेंट ऑफिस में विजिट करने आता है तो सबसे पहले मेरा परिचय कराया जाता है, मैंने अपने नाम की वजह से कभी किसी के चेहरे पर कोई हिचकिचाहट नहीं देखी.
- अंजुमन में 35-40 साल से काम करने वाले ऐसे लोग भी है जो चपरासी है, ऑफिस असिस्टेंट है, उनकी सेकंड जनरेशन को अंजुमन ने पढ़ा लिखाकर डॉक्टर और लॉयर बना दिया है, उनमें से भी कभी किसी को कन्वर्ज़न के लिए नहीं कहा गया है.
- मैं 100 से अधिक मदरसों में जा चुकी हूं मेरे साथ आजतक कन्वर्ज़न जैसा कोई अनुभव नहीं हुआ है.
Note: ये सारी बातें रमा ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके बताई है.