जो मिला खुद को ढूँढता ही मिला,
हर जगह कोई दूसरा ही मिला।
वक्त नहीं सोता आदमी की तरह,
नींद में भी ये दौड़ता ही मिला।
खुद से ही मिल के लौट आये हम,
हमको हर नज्म आईना ही मिला।
जब से गोया हुई है खामोशी,
बोलने वाला बेसदा ही मिला।
हर थकन का फरेब है मंजिल ,
चलने वालों को रास्ता ही मिला।