अगर ईमानदारी से देखा जाए तो खान सर ने इस छोटी सी लड़ाई को वर्चस्व की लड़ाई बना दिया
फैजल खान बहुत बड़े शिक्षक हैं, खुद को ग्लोबल लेवल का शिक्षक बताते हैं लेकिन किस बात के ग्लोबल टीचर?
अगर वो चाहते तो आज वो छोटी सी घटना इतनी बड़ी नहीं होती।
न वो झूठ कहते कि 10 राउंड गोली चली, न रौशन आनंद जेल जाते और न ही उनका भाई प्रिंस यादव नेपाल जाता और न ही कुछ होता
लेकिन इन सबके बीच में खान सर का ईगो आ गया।
उन्होंने रोशन आनंद को जेल भिजवा दिया, उनकी जमानत न हो इसके लिए उन्होंने अपने वकील को कोर्ट नहीं भेजा।
आज रौशन आनंद का परिवार बिखर गया, उनके घर में बहन की शादी थी लेकिन सारी खुशियां मातम में बदल गईं।
खान सर अगर बड़ा दिल दिखाए होते और समझदारी से काम लिए होते तो आज ये सब दिन नहीं देखना पड़ता।💔