This is the official twitter account of the Department of #Environment, #Forest & #Climate Change, Govt. of #Bihar. #JalJeevanHariyali

Joined June 2018
6,412 Photos and videos
आमतौर पर समाज में चमगादड़ों को लेकर कई भ्रांतियाँ और नकारात्मक सोच देखने को मिलती है, लेकिन असल में यह जीव पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। चमगादड़ परागण, बीजों के प्रसार और मच्छरों एवं हानिकारक कीटों को नियंत्रित कर प्रकृति और किसानों की सहायता करते हैं। आइए, इस अनूठे जीव के महत्व को जानें और भ्रांतियों से ऊपर उठकर वन्यजीव संरक्षण में भागीदार बनें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #Bat #wildlife #wildlifeconservation #biodiversity #nature
13
42
625
पलाश, जिसे "Flame of the Forest" के नाम से जाना जाता है। प्रकृति की यह अनमोल धरोहर न केवल अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अनेक पक्षियों और परागणकर्ताओं के लिए भी महत्पूर्ण है। आइए, अपने आसपास के वृक्षों को पहचानें, उनके महत्व को समझें और उनके संरक्षण में अपना योगदान दें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #Palash #nature #GreenBihar #NatureFacts
1
36
219
2,956
जमुई जिले में स्थित नागी-नकटी बर्ड सेंचुरी बिहार की महत्वपूर्ण आर्द्रभूमियों में से एक है, जिसे रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है। हर वर्ष सर्दियों के मौसम में साइबेरिया एवं मध्य एशिया सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों प्रवासी पक्षी यहां पहुंचते हैं और इस क्षेत्र को जीवंत बना देते हैं। यह अभयारण्य केवल पक्षी प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र नहीं, बल्कि जैव विविधता संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी है। यहां की समृद्ध पारिस्थितिकी, जलीय जीव, वनस्पतियां और वन्यजीव प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आइए, इस अनमोल प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #NagiNaktiBirdSanctuary #Wetlands #BirdSanctuary #BiharEcotourism #Jamui
1
22
88
1,431
वायु प्रदूषण को कम करना केवल सरकार की नहीं, बल्कि हम सभी की जिम्मेदारी है। छोटे-छोटे प्रयास- जैसे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग, साइकिल चलाना, वाहनों की नियमित प्रदूषण जांच और ई-वाहनों को अपनाना एक स्वच्छ एवं हरित बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। आइए, स्वच्छ पर्यावरण के लिए जागरूक बनें और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य दें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #AirPollution #Ecofriendly #Missionlife #JalJeevanHariyali #GreenBihar
1
8
43
984
क्या आप जानते हैं? किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा जहरीला साँप है, जो बिहार में मुख्य रूप वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के घने जंगलों में पाया जाता है। बेहद खतरनाक होने के बावजूद यह स्वभाव से शर्मीला होता है और इंसानों से दूरी बनाए रखता है। यह दुनिया का एकमात्र ऐसा साँप है जो अपने अंडों के लिए घोंसला बनाता है। सर्पदंश या वन्यजीव से जुड़ी किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-345-7252 पर संपर्क करें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #kingkobra #ophiophagushannah #snakes #SnakeAwareness #wildlife #wildlifeconservation
2
49
168
4,093
क्या आपने कभी जंगल जलेबी का स्वाद चखा है? जलेबी जैसी घुमावदार फलियों वाला यह वृक्ष न केवल अपनी अनोखी बनावट के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि इसके फल विटामिन C और अन्य पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं। इसके फलों का सेवन कच्चे रूप में किया जाता है तथा इनसे स्वादिष्ट चटनी भी बनाई जाती है। विभिन्न जलवायु परिस्थितियों में आसानी से विकसित होने वाला यह वृक्ष प्रकृति की एक अनमोल देन है। आइए, वृक्षों को जानें, उनका संरक्षण करें और प्रकृति से अपना जुड़ाव मजबूत बनाएं। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #jalebi #pithecellobiumdulce #plants #MedicinalPlant #greenlife #EcoFriendly #MissionLiFE
2
63
339
6,028
भारतीय गिलहरी केवल पेड़ों पर फुदकने वाला एक प्यारा जीव नहीं, बल्कि हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बीजों के प्रसार, कीट नियंत्रण और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में इसकी अहम भूमिका होती है। आइए, अपने आसपास के पेड़ों, हरित क्षेत्रों और वन्यजीवों की रक्षा करें, ताकि गिलहरियों जैसे छोटे-छोटे जीव सुरक्षित रह सकें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #Squirrel #Indianpalmsquirrel #Wildlife #WildlifeConservation #Biodiversity
2
38
194
2,955
कैल्शियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुणों से भरपूर गूलर का वृक्ष पर्यावरण के साथ-साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है। पाचन तंत्र को मजबूत करने से लेकर त्वचा संबंधी समस्याओं तक इसके फल कई रोगों के उपचार में सहायक हैं। आइए, इन अमूल्य वृक्षों के महत्व को समझें और इन्हें अपने आस-पास जरूर लगाएं। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #Gular #ficusracemosa #medicinalplants #GreenBihar #HealthyLiving
14
98
592
15,711
जब गर्मी बढ़ती है, तब जंगल में जीवन बचाने की चुनौती भी बढ़ जाती है। वन्यजीवों की प्यास बुझाने से लेकर जंगलों को आग से सुरक्षित रखने तक, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में संरक्षण के प्रयास लगातार जारी हैं। प्रकृति सुरक्षित होगी, तभी वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #ValmikiTigerReserve #savewildlife #wildlifeconservation #ClimateAwareness #nature #biodiversity
5
40
1,004
चमगादड़ों को जानिए, समझिए और मिथकों से बाहर आइए! @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #Bats #batsawareness #WildlifeFacts #KnowTheFacts #biodiversity #wildlifeconservation
1
11
74
1,324
बढ़ती गर्मी से राहत का सबसे सरल और प्रभावी उपाय:- अधिक से अधिक वृक्षारोपण। पेड़ न केवल हमें शुद्ध हवा और ठंडी छांव देते हैं, बल्कि स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य की भी नींव रखते हैं। आइए, हरियाली बढ़ाएं और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर कल सुनिश्चित करें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #ClimateAction #GlobalWarming #SaveEnvironment #TreePlantation #GoGreen #GreenBihar
4
17
53
1,159
साँप दिखने पर घबराएँ नहीं, सतर्क रहें! ऐसी स्थिति में ऊपर दिए गए सुरक्षा नियमों का पालन करें और जोखिम से बचें। आपात स्थिति में स्वयं कदम उठाने के बजाय तुरंत वन विभाग या विशेषज्ञ रेस्क्यू टीम से संपर्क करें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #Snake #Snakeawareness #Wildlife #WildlifeConservation
16
46
238
12,492
साँप दिखने पर घबराएँ नहीं। सुरक्षित रहें और तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। सहायता एवं जानकारी हेतु संपर्क करें: 0612-2226911
1
6
317
क्या आप जानते हैं कि बिहार की राजकीय पक्षी 'गौरैया' को अलग-अलग क्षेत्रों में किस नाम से पुकारा जाता है? मिथिला-बागड़ा भोजपुर-फुरगुदी मगध-खुदबुदी आपके क्षेत्र में इसे किस नाम से पुकारा जाता है? हमें कमेंट में जरूर बताएं। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #sparrow #birds #savesparrows #nature #birdslove
7
20
90
1,991
सीताफल को एक स्वादिष्ट फल के रूप में तो हम सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके कच्चे फल, बीज और पत्तियाँ प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में भी बेहद उपयोगी हैं? आइए, ऐसे वृक्षों को पहचानें और अपने आसपास सहेजें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #sitaphal #annonasquamosa #medicinalplants #healthyliving #nature #GreenBihar
5
59
374
6,638
आज अररिया की धरती ने हरियाली का स्वर्णिम अध्याय रचा जब 10 हज़ार वृक्ष एक साथ रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का ऐतिहासिक संदेश दिया। अररिया के रहीकपुर सुरक्षित वन में एक साथ 10 हज़ार वृक्षों का वृक्षारोपण कार्यक्रम में पौधारोपण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के भाई-बहन, सशस्त्र सीमा बल (SSB) के जवान, बिहार पुलिस के जवान, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएँ तथा एनडीए के सम्मानित कार्यकर्तागण उपस्थित रहे। पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संकल्प के साथ सभी ने मिलकर पौधारोपण किया तथा प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन का संकल्प लिया। "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को जन-जन तक पहुँचाना हम सभी का दायित्व है। आइए, अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण का निर्माण करें। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc
1
2
17
677
अपने सफेद और सुगंधित फूलों के लिए जाना जाने वाला नागकेसर का वृक्ष हमारे पर्यावरण का एक अहम हिस्सा है। यह वृक्ष केवल दिखने में सुंदर नहीं, बल्कि अपनी घनी छांव, मजबूत लकड़ी और औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #Nagkeshar #mesuaferrea #Medicinalplants #Healthyliving #GreenBihar
29
107
1,715
गंडक नदी में इस सीजन के पहले घड़ियाल घोंसले से 31 शावकों का सफल उद्भवन पश्चिम चंपारण, बिहार: गंडक नदी में घड़ियाल संरक्षण प्रयासों के अंतर्गत बेतिया वन प्रमंडल के बगहा रेंज स्थित रतवल पुल के निकट वर्ष 2026 के प्रजनन सत्र के प्रथम घड़ियाल घोंसले से 31 शावकों का सफल उद्भवन हुआ। तत्पश्चात सभी शावकों को वन विभाग एवं वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) की देखरेख में उनके प्राकृतिक आवास, गंडक नदी, में सुरक्षित रूप से छोड़ा गया। शावकों को नदी में छोड़ने के कार्यक्रम में क्षेत्र निदेशक (CF) श्री गौरव ओझा, वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) श्री पंकज कुमार, वन प्रक्षेत्र (रेंज) श्रीमान मलाकार, वन विभाग के कर्मियों तथा वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर अधिकारियों ने घड़ियाल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला तथा इस उपलब्धि को वन विभाग एवं WTI के संयुक्त संरक्षण प्रयासों का परिणाम बताया। घोंसले का पता अप्रैल-मई के दौरान वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (WTI) एवं बिहार वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किए गए गहन क्षेत्रीय सर्वेक्षणों के दौरान लगाया गया। वर्तमान प्रजनन सत्र में अब तक गंडक नदी में कुल पाँच घड़ियाल घोंसलों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी नियमित निगरानी एवं सुरक्षा की जा रही है। घड़ियाल को IUCN द्वारा अत्यंत संकटग्रस्त श्रेणी में रखा गया है तथा भारत में यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I के अंतर्गत संरक्षित प्रजाति है। वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया पिछले एक दशक से गंडक नदी क्षेत्र में इसके संरक्षण हेतु कार्यरत है। वर्तमान में गंडक नदी देश में घड़ियालों का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण गढ़ मानी जाती है और यह प्रजाति की प्रमुख प्रजनन आबादियों में से एक को संरक्षण प्रदान करती है। घड़ियाल शावकों का यह सफल उद्भवन तथा उन्हें प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ा जाना संरक्षण प्रयासों की सफलता का प्रतीक है तथा इस दुर्लभ नदीय सरीसृप के दीर्घकालिक संरक्षण के प्रति नई आशा का संचार करता है। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc
3
33
189
11,083
जामुन एक बहुउपयोगी एवं तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है, जो अपने स्वादिष्ट फलों के लिए प्रसिद्ध है। यह वृक्ष विभिन्न प्रकार की मिट्टियों में आसानी से विकसित हो जाता है। इसके फल और बीज पारंपरिक रूप से अपने स्वास्थ्यवर्धक गुणों के लिए जाने जाते हैं, जो इसे पर्यावरणीय दृष्टि से एक महत्वपूर्ण वृक्ष बनाता है। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc #Jamun #Syzgiumcumini #Indianfruits #Healthyliving #GreenBihar
2
51
243
3,932
दिनांक: 05-06-2026 हरित बिहार के संकल्प के साथ मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस आज दिनांक 05.06.2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पटना जू में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने रुद्राक्ष के पौधे का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान माननीय मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पौधा लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण और भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प है। माननीय मंत्री ने हरित और स्वस्थ बिहार तथा स्वच्छ भारत के निर्माण में लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) श्री अरविंदर सिंह ने कहा कि वर्ष 2026-27 में राज्य में हरित आवरण बढ़ाने हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार द्वारा 5 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर राज्य में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 10 पर्यावरणविदों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए माननीय मंत्री द्वारा स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) श्री अरविंदर सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक श्री अभय कुमार, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा) श्री सुरेंद्र सिंह, मुख्य वन्य संरक्षक (आईटी) श्री एस. चंद्रशेखर, विशेष सचिव श्री आलोक कुमार, बिहार राज्य जैव विविधता परिषद् के सचिव, श्री अमित कुमार, वन संरक्षक (मुख्यालय) श्री सत्यजीत कुमार एवं पटना जू के निदेशक श्री हेमंत पाटील सहित विभाग तथा पटना जू के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे। @mla_hayaghat @IPRDBihar @moefcc
12
540