मुहर्रम के जुलूस में ताजिया निकालते वक्त तलवारों से कार पर हमला कर दिया गया। बीवी और बच्चे तो किसी तरह बच गए।
सबसे बड़ा सवाल हिन्दू मुहर्रम के दिन घर से बाहर निकलने की हिमाकत कैसे की? 😳😳
बेचारे मजबूर अल्पसंख्यक ताजिया निकाल रहे थे, और ये महाशय उसी दिन परिवार सहित बाहर निकल पड़े।
अब क्या मुसलमान सुकून से मुहर्रम भी नहीं मना सकते? इस आदमी को जेल में डालो, सारी गलती उसी की है।