मेरे पीछे जो तिरपाल लगी है उसमें रहने वाले दिहाड़ी मज़दूर योगेश को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। जनकपुरी में सड़क के गड्ढे में गिरकर 25 साल के कमल की मौत हुई थी। उस मामले में। आरोप जानते हैं क्या है?
DCP शरद के मुताबिक़ एक राहगीर ने गार्ड को बताया कि गड्ढे में बाइक गिरी है, गार्ड ने गड्ढे के बगल तिरपाल में रहने वाले मज़दूर योगेश को बताया, योगेश ने सब कॉनट्रैक्टर राजेश प्रजापति को फ़ोन पर बताया।
अब हुआ क्या कि कॉन्ट्रैक्टर ने मज़दूर को चुप करा भगा दिया और खुद भी भाग गया। दिल्ली पुलिस ने पहले ठेकेदार को गिरफ्तार किया और यूपी के इटावा से मज़दूर को।
मज़दूर का जुर्म क्या है कि उसने पुलिस को नहीं सूचना दी,फिर तो राहगीर को गिरफ्तार कर लेना चाहिए और गार्ड को भी।
दिल्ली पुलिस जो बड़ा ठेकेदार है उसे नहीं पकड़ रही,जो जलबोर्ड के कर्मचारी हैं उन्हें नहीं गिरफ्तार कर रही। जो वाक़ई ज़िम्मेदार हैं। अब होगा क्या सब कॉन्ट्रैक्टर भी पैसे खर्च कर ज़मानत पर बाहर आ जाएगा।
25 साल के कमल की मौत की सज़ा वो गरीब मज़दूर भुगतेगा,उसके पास ना पैसा है,ना पावर,ना पैरवीकर्ता।
@HMOIndia ये आपकी दिल्ली पुलिस के काम करने का तरीक़ा है। वो भी उस दिल्ली में जहां सुप्रीम कोर्ट,हाईकोर्ट सब है। हज़ारों वकीलों की फौज है,मगर गरीब के लिए कौन लड़ेगा?