राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के स्वास्थ्य सर्वेक्षण (जनवरी-दिसंबर 2025) के अनुसार भारत में हृदय संबंधी बीमारियां देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बोझ बनकर उभरी हैं, जिनकी हिस्सेदारी कुल बीमारियों में 25.6 प्रतिशत है। इसके बाद मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य अंतःस्रावी व मेटाबॉलिक रोग 24.2 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर हैं। संक्रमणजनित बीमारियों की हिस्सेदारी 15.1 प्रतिशत तथा अन्य रोगों की 15.6 प्रतिशत है।
सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि उम्र बढ़ने के साथ हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ता है। 15-29 वर्ष आयु वर्ग में प्रति 1,000 लोगों पर 47 बीमारियां दर्ज की गईं, जिनमें 2.1 प्रतिशत हृदय रोग से जुड़ी थीं, जबकि 60 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग में प्रति 1,000 लोगों पर 548 बीमारियां दर्ज हुईं और इनमें हृदय रोगों की हिस्सेदारी बढ़कर 37.8 प्रतिशत हो गई। यह संकेत देता है कि भारत में गैर-संचारी रोग, विशेषकर हृदय रोग, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
स्रोत : स्टेट ऑफ इंडियाज एनवायरमेंट इन फिगर्स 2026