कभी कहीं पढा था. ।।।।।
"दिल करता है कि अकेली एक लंबी यात्रा पर निकल जाऊँ, फिर याद आया कि अब तक वही तो कर रही.... "
अकेले सफ़र पर निकलना भी एक खोज है,
राहों से ज़्यादा खुद से मिलने का संयोग है।
हर मोड़ पर नया एहसास, नई कहानी मिलती है,
तन्हा यात्रा में अक्सर अपनी पहचान मिलती है।