आज शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के भोपाल आगमन पर NSUI प्रदेश अध्यक्ष श्री आशुतोष चौकसे को मोहन सरकार की पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाना भाजपा की तानाशाही मानसिकता और छात्रों की आवाज़ से डर का प्रमाण है।
धर्मेंद्र प्रधान जी, लोकतंत्र में विरोध को दबाने का नहीं, उसे सुनने का साहस होना चाहिए।
NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की विफलताओं और छात्रों के भविष्य के साथ हुए खिलवाड़ के लिए जवाबदेह आप हैं। काले झंडों से डरने के बजाय छात्रों के सवालों का जवाब दीजिए, जवाबदेही स्वीकार कीजिए और युवाओं के भविष्य पर राजनीति करना बंद कीजिए।
छात्र सवाल पूछेंगे, लोकतंत्र जवाब मांगेगा।