राममंदिर किसी के बाप की बपौती नहीं है.....
ये असंख्य हिन्दुओं के द्वारा सहयोग से बना हुआ उनके आराध्य का भवन है, जिसके लिए हजारों हिंदूओ ने अपने प्राण गवाएँ हैं, कितनी पीढ़ियां इसी प्रतीक्षा में स्वर्ग सिधार गयी कि वो अपनी आँखों के सामने अपने रामलला का भवन बनते देखेंगे, उसमे विराजते देखेंगे.....!!
मंदिर के अंदर दान की रकम चोरी होना कोई मामूली बात नहीं है, ये बहुत बड़ा फ़्रॉड है, हिन्दुओं की आस्था के साथ एक भद्दा मजाक है....!!
सरकार को ट्रस्ट से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की उनके परिवार के साथ रिश्तेदारों नौकरों तक के सम्पत्ति की जांच करनी चाहिए एवं संलिप्त पाए जने वाले प्रत्येक दोषी पर सख्त कार्यवाही करनी चाहिए.....एवं मृत्युदण्ड से कम की सजा नहीं हो ऐसा सुनिश्चित करना चाहिए।
धर्मगंर्थ में कहा गया है कि-
कोष्ठागारायुधागारदेवतागारभेदकान् ।
हस्त्यश्वरथहर्तॄंश्च हन्यादेवाविचारयन् ॥
अर्थात:- जो राजकीय भंडार, शस्त्रागार या देवतागार (मंदिर) में सेंध लगाएँ, तथा जो हाथी, घोड़े या रथ चुराएँ, उन्हें राजा बिना विलंब कठोरतम दंड (मृत्युदंड) दे।
हम आशा करते हैं कि सरकार यथोचित जाँच करके दोषियों/पापियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाये।