जितेंद्र जी चम्पक का खासम खास रामशंकर यादव उर्फ़ टिंन्नू लिखो.....
पूरी बात लिखो आधा सच नही
राम मंदिर ट्रस्ट में चोरी का सबसे बड़ा किरदार राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव पकड़ में आया है
अब आप लोग डॉट से डॉट मिलाकर समझ जाइए यह अखिलेश यादव को कैसे भनक लग गई थी
क्योंकि टिन्नू यादव उर्फ रामशंकर यादव का पूरा परिवार समाजवादी पार्टी से जुड़ा हुआ है
राम शंकर यादव के भाई से लेकर सभी लोग समाजवादी पार्टी में हैं अब इसमें यह प्रयास लगाए जा रहे हैं कि पहले जब पूरा परिवार एक में था तब कोई समस्या नहीं थी लेकिन जब बटवारा हो गया तब उसके किसी भाई ने अखिलेश यादव तक पूरी सूचना पहुंचा दी
ऑटो ड्राइवर से करोड़पति..
अब तक इस चोरी में जो चेहरे सामने आए हैं उनमें सबसे अहम किरदार है रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू जो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का खास सहयोगी है।
टिन्नू यादव पहले देवरिया में ऑटो चलाता था,लेकिन अब उसके पास आलिशान घर,बच्चों के लिए हॉस्टल,लखनऊ में एक मकान और देवरिया जिले में करोड़ों की संपत्ति है।
चढ़ावा चोरी मामले में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका क्या रही और ऑटो चलाने वाला टिन्नू करोड़पति कैसे बना इन बातों को लेकर धर्म सेना के संस्थापक संतोष दुबे ने बताया कि टिन्नू का तीन मंजिला पुश्तैनी घर अयोध्या में राम मंदिर से सिर्फ 1.5 किमी दूर है.यूपी के देवरिया करोड़ों की संपत्ति,अयोध्या में एयरपोर्ट से सटे आलीशान मकान जहां तीन फ्लोर में बच्चों का हॉस्टल बनाया गया है.आखिर ट्रस्ट ट्रस्ट से ₹22 हजार पाने वाला व्यक्ति 4 सालों में इतना कुछ कैसे बना सकता है. टिन्नू ने राम मंदिर में चढ़ने वाले सोने-चांदी में हेरफेर किया हैं।
टिन्नू साल 1998-99 में चंपत राय के संपर्क में आया था।उनकी गाड़ी चलाने की वजह से वो उनके विश्वस्त लोगों में शामिल हो गया।इसके बाद साल 2019 में टिन्नू ट्रस्ट का काम देखने लगा।उसकी पावर को आप ऐसे भी समझ सकते हैं कि मंदिर की सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े लोगों को मिलने वाला वॉकी-टॉकी उसके पास है. मंदिर परिसर का मैनपावर मैनेजमेंट टिन्नू ही संभालता है.साथ ही दानपेटी का चढ़ावा बैंक में टिन्नू जमा कराता था।
सबसे अहम ये था कि सोने-चांदी के जेवरों को बिना तौले सिर्फ अनुमान के आधार पर रखा जाता था।जानकारी टिन्नू और चंपत राय को ही होती थी।इन जेवरों के बैंक में जमा होने का कोई रिकॉर्ड नहीं है!
यूपी सरकार ने चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय SIT का गठन कर दिया है.15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.
सरकार को सभी आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और राम मंदिर में ऐसा मेकैनिज्म और ऐसी पारदर्शिता सिस्टम लानी चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटना ना हो सके टुन्नू यादव रामशंकर यादव जैसे लोग इस तरह की चोरी ना कर सके