भाई साहब वालों ने राम मंदिर ट्रस्ट को बर्बाद कर दिया, पूर्व मेयर से लेकर ट्रस्ट के अधिकारियों तक और अधिकारियों से लेकर चपरासियों तक सबने भोली भाली जनता को श्री राम के नाम पर लूटा।
जब मैं पहली बार राम लला के दर्शन करने अयोध्या गया तो मन में बहुत प्रफुल्लता थी, सोचा था 5 मिनट प्रभु की मूरत के दर्शन करूँगा, पर गर्भगृह में जो माहौल देखा उससे मन विचलित हो उठा, VIP के लिए अलग से लाइन, 15 मिनट दर्शन करने का समय और आम श्रद्धालुओं को मंदिर के सेवक 5 सेकण्ड में डांट कर भगा रहे थे।
वैसे किसी को फोन ले जाने कि अनुमति नहीं, पर आप किसी भाईसाहब को जानते हों तो अपने साथ अपना पर्सनल फोटोग्राफर भी साथ ले जा सकते है।
भक्तों के लिए कोई ख़ास सुविधा नहीं, संघियों के लिए मंदिर से 500 मीटर दूर ही बड़ा सा हॉस्टल, वहीँ आम श्रद्धालु गर्मीं में तपते हुए पत्थर पर आप पैर रखकर जाते हैं, अरबों का चढ़ावा पर कहाँ उसका प्रयोग हो रहा है सब जानते हैं। महंत नित्यगोपाल दास जी को मुखौटा बना कर नीचे धांधली होती रही।
इन धर्म द्रोहियों को इनके कर्मों कि सजा अवश्य मिलेगी, लेकिन उससे पहले समस्त हिन्दू समाज को इन धर्म द्रोहियों का पुरज़ोर विरोध करना चाहिए।
दरवाज़े में सोना मढ़वा दिया,
चोर आएँगे पंडित जी की गर्दन काटेंगे और ले जाएँगे, ये अयोध्या है भइया!!
ये श्री श्री चंपत राय हैं जिन्होंने “दान लूट कांड” की आधारशिला अपने इस बयान के ज़रिए ही रख दी थी कि अयोध्या वाले तो “लुटेरे” हैं !!
इनके इस बयान का ऐसा असर हुआ था कि 2024 के चुनाव में लुटेरों ने भाजपा की सांसदी वाली सीट ही लूट ली थी…
वैसे इस बयान में छिपा दर्द ये था कि चाँदी का फूल लाने के बजाय नक़द नारायण चढ़ाया जाए…