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क्षत्रिय सदा से ही भारत का मेरुदंड रहे है। अतएव वे ही धर्म और स्वतंत्रता के सनातन रक्षक है देश से अंधविश्वासों को हटा देने के लिए और भारत के इतिहास के आदि से अंत तक अधर्मियों के अत्याचार से साधारण जनता की रक्षा के लिए.. वे स्वयं एक दीवार की भांति खड़े रहे ! ~ स्वामी विवेकानंद
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ठाकुर हृदेश सिंह कठेरिया🗿(Mr.Hirdesh)😎 retweeted
सोमनाथ की लूट के इतिहास को देखकर बहुत से लोग सोचते हैं कि तब लोगों ने रोका क्यों नहीं? तो अब रोक लो! देश के 100 करोड़ हिंदुओं के सामने उनकी गाढ़ी कमाई का पैसा कुछ लोग उड़ा ले जा रहे हैं और हिंदू सरकार के भरोसे बैठे हैं कि वो सही जांच करा देगी! 🤣 बेचारे हिन्दू! 😭 #Ayodhya
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Kya jamana aa gya hai yrr... Ab ramdiyo ko ramdi bhi nhi keh sakte!!!! 🤮🤮 #duditsokay
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Yeh sab @dudeitsokay ko isliye bhi target kar rhe hain kyunki usne paratho ki maiya khod rakhi thi...
Context for the Curious ones. Gynocentrism, wokism and degeneracy by a Gender needs to be addressed on all platforms but some accs like him obscene language to Women that instead of creating awareness generates hatred for Men in return. This account also takes jibes on Surnames of particular region
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Hey Hippo, Are you threatening this guy?
Replying to @dudeitsokay
Aur ye tweet galti se bhi delete mat kr dio. Pinned rakhega abhi ek din isko tu. Baki apni life m dimag acha use krke kuch bhi kar. Mera koi mtlb nhi.
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ठाकुर हृदेश सिंह कठेरिया🗿(Mr.Hirdesh)😎 retweeted
राममंदिर ट्रस्ट को तुंरत भंग किया जाना चाहिए क्योंकि इसमें ट्रस्ट की भी पूरी संलिप्तता है। कुछ 'बहुत बड़े' लोगों की बिना मिलीभगत के यह संभव नहीं है।
लवकुश मिश्रा 6 महीने पहले राम मंदिर में ड्यूटी करना शुरू किया। दान में आए पैसों को गिनने का काम मिला। 6 महीने में ही उसने अयोध्या में 40 लाख का प्लॉट लिया। उसपर निर्माण शुरू करवा दिया। घर में 10 लाख कैश मिला। इसके अलावा इसके बारे में अभी और खुलासा होना बाकी है। अब आप सोचिए कोई व्यक्ति महज 6 महीने पहले मंदिर से जुड़ा और इतनी बड़ी चोरी कर गया। लवकुश के जैसे दर्जनों लोग हैं, कुछ और के बारे में भी पता चला कि उन्होंने करोड़ों के प्लॉट खरीदे हैं। अभी तक न किसी के खिलाफ FIR हुई है और न ही मंदिर की तरफ से इस पूरे गबन पर अपनी बात कही गई। दान गिनती का सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट है। साल में एकात बार ये लोग बताते हैं। जबकि दूसरे मंदिर में इससे ज्यादा पारदर्शिता है। इस पूरे मामले ने राम मंदिर की व्यवस्था पर बहुत बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। इसके पहले ट्रस्ट ने जब जमीनें खरीदी थी तब भी ऐसे मामले सामने आए थे। कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
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ठाकुर हृदेश सिंह कठेरिया🗿(Mr.Hirdesh)😎 retweeted
राम मंदिर ट्रस्ट में जो कुछ भी हो रहा है, उससे मैं तनिक भी अचंभित नहीं हूँ। जिस तरह से शुरुआत से ही ट्रस्ट में घपलों के संकेत दिख रहे थे और क्षत्रियों को जानबूझकर ट्रस्ट से दूर रखा गया, उससे यही लग रहा था कि ऐसा कुछ न कुछ होगा। क्षत्रियों के रहते वे अपने पूर्वजों के नाम पर हो रही ठगी को कभी बर्दाश्त नहीं करते, लेकिन इन लोगों से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है।
जांच पर जांच .. तारीख पर तारीख बढ़ रही है .. राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय @ChampatRaiVHP से लेकर स्थानीय सदस्य अनिल मिश्रा ही सभी फैसले लेते रहे हैं. दान में मिले पैसों की गिनती कौन करेगा से लेकर किस बैंक में पैसा जमा होगा !
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ठाकुर हृदेश सिंह कठेरिया🗿(Mr.Hirdesh)😎 retweeted
Replying to @Uppolice
@Uppolice से निवेदन है इस व्यक्ति पर संवैधानिक कार्यवाही की जाए, ये व्यक्ति समाज के जिम्मेदार व्यक्ति एक पार्टी राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी सत्य के राष्ट्रीय संयोजक @ranashersingh17 जी को जान से मारने की धमकी दे रहा है। अन्यथा समाज में शांति भंग होगी दंगा भी हो सकता है। @dgpup
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ये बुढ़िया आज एशियन गेमस ट्रायल में ड्रामा करने गई थी लेकिन बुरी तरह बेज़्जती कराके वापस आई।😁😄
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ठाकुर हृदेश सिंह कठेरिया🗿(Mr.Hirdesh)😎 retweeted
यह ग्वाले राजपूतों से इस कदर नफरत करते हैं कि वैभव सूर्यवंशी की बेहतरीन पारी को ये ग्वाला तुक्केबाजी बता रहा है।🤣 ग्वालों तुम बस अपने फ्लॉप शून्यकुमार यादव का विश्लेषण करो।😁🤣
क्वालीफायर मैच में आरसीबी कप्तान रजत पाटीदार ने RCBvsGT मैच में 93 रन की पारी खेली और Eliminator मैच SRHvsRR में वैभव सूर्यवंशी ने 97 रन की पारी खेली!! दोनों की पारी में बहुत अंतर है ! Rajat Patidar की पारी दवाब में आई थी! जब टीम लड़खड़ाई हुई थी वहां से 250 का स्कोर बनाना एक परिपक्व कप्तानी पारी को दर्शाता है वहीं, Vaibhav Sooryavanshi की पारी तुक्केबाजी वाली है चले तो वाहवाही नहीं तो दूसरे आकर देख लेंगे ! हो सकता है वैभव क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दे अगर थोड़ी जिम्मेदारी लेकर ऊटपटांग शॉट खेलना बंद कर दे तो बहुत बड़ा बल्लेबाज बनेगा ? अब अलग मुकाबला Qualifier2 RRvsGT होना है इसमें गुजरात टाइटंस हार जाएगी! Final राजस्थान रॉयल्स और बैंगलोर का होगा जिसमें RCB जीतेगी! वैसे आपको क्या लगता है..?
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सोचो! अगर वैभव 'सूर्यवंशी' की जगह वैभव 'यादव' होता? तो दो चार तथाकथित X इन्फ्लूएंसर अब तक उसे ब्रह्मांड का लीजेंड और पता नहीं क्या क्या घोषित कर चुके होते।😀😁 #वैभवसूर्यवंशी #VaibhavSuryavanshi #IPLEliminator
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आल्हा ऊदल क्षत्रिय बनाफर वंश के थे न कि शूद्र ग्वाला। चल जा ग्वाले @AnilYadavmedia1 अब गोबर उठा।
आल्हा -उदल अहीर वंश के थे किस वंश के थे, हाँ, अहीर वंश के थे, चलो जाओ, कहीं और चोरी करो,
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हम तो वैदिक काल से ही क्षत्रिय हैं हमारे कुलों का वर्णन प्राचीन ग्रंथों और पुरातात्विक साक्ष्यों में मिलता है। रही बात विध्यांचल वाली माता की तो महापुरुष और देवी- देवता जाति देखकर नही पूजे जाते। संत रैदास जी का जन्म चमार जाति में हुआ लेकिन फिर भी मेवाड़ में उन्हें पूजा गया।
और तुम कब से क्षत्रिय बने हो तुम तो जादौन का कहां पर जिक्र है अहीर को गाली भी देना है और विंध्याचल वाली माता ने नंद बाबा के वहां जन्म लिया था और उनकी पूजा भी करनी है नन्दगोपगृहे जाता यशोदागर्भसम्भवा। ततस्तौ नाशयिष्यामि विन्ध्याचलनिवासिनी॥
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लेकिन भाई तुम तो 1910 में ग्वाला से अहीर बने! तुम्हारा यदुवंशियों से क्या लेना देना? उससे पहले तो तुम मुगलों के घोड़ों की लीद उठाते थे! 🙄
मध्यकाल में जितने राजपूत राजा थे या उनके स्वजातीय सेनापति थे सबका रोटी बेटी का संबंध या मुगलों से था या अपनी जाति में था। सिर्फ आल्हा ऊदल के पिता जी की शादी ग्वालियर के अहीर राजा की बेटी से हुआ था। अब समझने वाली बात ये है कि अगर आल्हा ऊदल के पिता जी बनाफर राजपूत होते तो क्या दूसरी जाति में उनको शादी करने दी जाती ? जाहिर सी बात है वो बक्सर से आए हुए बनाफर अहीर थे इसलिए उनकी शादी राजा दलपत अहीर की पुत्री से हुई। आल्हा योद्धा थे इसलिए महोबा की रक्षा में तैनात थे नकी जाति के कारण पूरे बुंदेलखंड में हजारों अहीर सेनापति महोबा कालपी कालिंजर ओरछा झांसी किलों में सेनापति थे।😎 #VeerAhirAlha
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इस तरह की घटनाओं की हक़ीक़त यह है कि यह लोग दूसरे समाजों के घरों के सामने जाकर भड़काऊ जातिवादी गाने बजाते हैं और शराब के नशे में घरों के तरफ अभद्र इशारे करते हैं। और जब इनको कोई जवाब दे देता है तो रोना रोते हैं कि हमारी बारात नहीं चढ़ने दी, हमारा चोचन कर दिया।
Attack on a dalit girl's wedding. 😡 THAKUR CASTE HINDUS attacked relatives of a DALIT FAMILY in UP's Sambhal during wedding procession of a girl for playing songs of Ambedkar. Many are injured. All casteist goons must be arrested without any delay. This is just cowardice.
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देश में अम्बेडकर के नाम पर एक नए तरीके का आतंक जन्म ले रहा है। अभी 4 दिन पहले की बात है मेरे गांव में एक जाटव लड़की की बारात आयी थी, बता दूं कि हमारे यहां सभी जातियों के लोग बड़े ही प्रेम और सद्भाव से रहते हैं। लेकिन उस दिन मैंने देखा, जब बारात ठाकुरों के घर के सामने पहुंची...
Attack on a dalit girl's wedding. 😡 THAKUR CASTE HINDUS attacked relatives of a DALIT FAMILY in UP's Sambhal during wedding procession of a girl for playing songs of Ambedkar. Many are injured. All casteist goons must be arrested without any delay. This is just cowardice.
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तब वे भड़काऊ जातिवादी गाने बजाने लगे और शराब के नशे में उनके घरों की ओर अभद्र इशारे करते हुए नाच रहे थे। किंतु यहाँ के लोगों ने संयम से काम लिया; अपने लोगों को समझाया कि यदि हमने इन्हें जवाब दिया, तो मीडिया में यही खबर चलेगी कि 'दबंग ठाकुरों ने दलितों की बारात नहीं निकलने दी'।
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अगर अम्बेडकर बौद्ध धर्म न अपना कोई दूसरा धर्म जैसे इस्लाम या ईसाइयत अपना लेते तो यह लोग उसे अब तक 50 लाख साल पुराना बता चुके होते और बौद्ध धर्म का नाम भी नहीं जानते होते।🤣😅
बौद्ध धर्म में तथागत बुद्ध 28वें बुद्ध थे. प्रथम बुद्धा का नाम तणहंकर हैं. तण द्रविड़ सब्द है. तणहंकर बुद्धा का जन्म सिंधु घाटी सभ्यता में हुआ था. सिंधु घाटी सभ्यता द्रविड़ सभ्यता थी. इसलिए शुरुआती बुद्धों का नाम द्रविड़ भाषा में है. मगर ज्यों ज्यों हम सिंधु घाटी सभ्यता से गौतम बुद्ध की तरफ चलते हैं, त्यों त्यों हम बुद्धों के नाम प्राकृत भाषा में होते जाते हैं. 28 बुद्धों के नामों से हम सिंधु घाटी सभ्यता से गौतम बुद्ध के काल तक कि सभ्यताई यात्रा कर सकते हैं. तथागत बुद्ध कोई पहले बुद्ध नही थे. गौतम बुद्ध का जन्म बौद्ध सभ्यता में हुआ था. सिंधु घाटी, नंद वंश और मौर्य वंश बौद्ध सभ्यता थी. बहुतों को मालूम नही है, उन्हें लगता है बौद्ध धर्म का इतिहास गौतम बुद्ध से शुरू होता है. जैसे भगवान महावीर ने जैन धर्म से जुड़कर उसमें कुछ घटाया कुछ जोड़ा, उसी तरह भगवान बुद्ध ने बौद्ध धर्म से जुड़कर इसमें कुछ घटाया, कुछ जोड़ा. 28वें बुद्ध भगवान गौतम बुद्ध को कोटि कोटि प्रणाम.
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