मोदी जी को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।
इनके बस की देश चलाना नहीं है।
कभी कहते हैं सोना मत खरीदो,
कभी कहते हैं ये मत करो, वो मत करो।
हर बोझ सिर्फ जनता पर डाला जा रहा है।
महंगाई, बेरोज़गारी और संकट से लोग परेशान हैं!
साहब को सिर्फ अपनी अय्याशी और घूमने फिरने से मतलब है।
न जनता की चिंता,
न देश की हालत की फिक्र।