ये साले दो कौड़ी के जाहिल भिखमंगे पड़ोसी,ना हमारी सेना से जीत पाते हैं,ना मर्दों की क्रिकेट टीम से ना महिलाओं की टीम से, और बकचोदी दुनिया भर की पेलते हैं।
#आतंकिस्तान
आज अपने समर्थकों का ध्यान रखते हुए मैने अपनी राजनीतिक शुरुआत कर दी राजनीतिक दल का नाम झोला झंडा पार्टी रखा गया है।
हम जो मूलभूत व्यवस्थाओं में खामी है उसपर बात करेंगे।
जनता की मांगे झोले में भर दो नहीं तो झंडे का डंडा गलत जगह जाएगा
@jholajhandaDal
राम मंदिर में चोरी की रकम लगभग 200 करोड़ बताई जा रही है....
50 कर्मचारी की देखरेख में दान की रकम की गिनती होती थी.... जिसमे प्राइवेट नियुक्ति वाले ट्रस्ट द्वारा नियुक्त व बैंक कर्मचारी शामिल रहते थे...!!
ये सभी 50 कर्मचारी जांच के दायरे में, हमारी आपकी सोच से भी बड़ा झोल है।
भारत सरकार पूरी योजनाबद्ध तरीके से इस चीज में लगी है कि युवाओं को रोजगार ना मिले। जितनी वेकेंसीज हैं उनको ज्यादा से ज्यादा विलंब से लागू कर रहे । मेरिट को परेशान किया जा रहा कि वो खुद से छोटा मोटा रोजगार करके अपना पेट पाल रहे। खैर क्या हीं करना ये बताइए झालमुर्हि खाए कि नहीं?
छोटे-बड़े का भेद, अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएँ, कई स्थानों पर तो श्रद्धा का भी मूल्य निर्धारित कर दिया गया है। शायद यही कारण है कि बड़े मंदिरों की व्यवस्था से मेरा मन कभी पूरी तरह जुड़ नहीं पाया और इससे मुझे खुद से जुड़ने का अवसर प्राप्त हुआ। जीवों के साथ जुड़ाव हुआ।
मैं बड़े मंदिरों में नहीं जाता। समय के साथ बड़े मंदिरों से मेरा जुड़ाव कम होता गया, पर इस बदलाव ने मुझे कभी मेरे आराध्य से दूर नहीं किया। श्रद्धा आज भी उतनी ही है, बस उसका स्वरूप बदल गया है। मैंने ईश्वर को भीड़ में नहीं, अपने भीतर और अपने कर्मों में खोजना सीख लिया।