ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु मोदीसरकार को आये दिन आयोजित होने वाली धर्म संसदों पर रोक लगानी होगी,भड़काऊ भाषण देने की आज़ादी न तो किसी धार्मिक नेता को होनी चाहिए,और न ही राजनीतिक प्रवक्ता और मंत्रियों को..
तब जाकर नफरतों पर काबू पाया जा सकेगा,और ऐसे जघन्य अपराधों को रोका जा सकेगा..🤔