Former Visiting Professor Columbia Univ, USA/Humbolt Univ Berlin, Gave Ambedkar Memorial Lecture at York Univ,UBC,SUF Cannada, Parliament of World Religions.
विश्व रैंकिंग 2025 में मेरा नाम
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मैं JNU में नंबर 1, भारत में 11वें और एशिया में 134वें स्थान पर हूँ यह रैंकिंग मुझे समाज विज्ञानियों /वैज्ञानिकों की AD वर्ल्ड रैंकिंग 2025 द्वारा प्रदान की गयी है है. इसे साझा करते हुए गर्व महसूस हो रहा है।समाज का बहुत बहुत साभार.
भारत में जेन-ज़ी संभव नहीं है क्योंकि भारतीय युवा एक समान नहीं हैं। भारत में छह प्रकार के युवा हैं।प्रथम ग्रामीण युवा, शहरी युवा, महानगरीय युवा,वैश्वीकृत युवा,दलित और आदिवासी और अल्पसंख्यक युवा (जिनका आत्मसम्मान आहत है), और विभिन्न राजनीतिक दलों के छात्र संगठनों में कार्यरत युवा।
राजनैतिक दल को स्थापित करने और लम्बे समय तक चलाने के लिए सच्चे, ईमानदार,समर्पित और दल पर अपना सब कुछ निछावर करने वाले कैडर की आवश्यकता होती है। इसी लिए उनको निरन्तर कैडर देते रहना चाहिए। सत्ता से पार्टी के कैडर को जोड़ेंगे तो सत्ता जाने के बाद वो भी चले जायेगें। TMC को देखिये !
देखिये राष्ट्रीय राजनैतिक दृष्टि से क्षेत्रीय दलों को हुआ क्या है - डीएम् के, शिवसेना, आरजेडी, टी एम् सी , एनसीपी, एसपी, एवं यहाँ तक की सीपीआई (एम्) को भी क्षेत्रीय दल में परिवर्तित कर दिया है । क्या क्षेत्रीय दलों की राजनीति की प्रकृति में बदलाव की जरुरत है ?
Do you Know
The highest verified temperature ever recorded in Delhi is \(49.2^{\circ}C\), which was officially registered by the India Meteorological Department (IMD) in May 2022.
युवा क्या है ?
युवा,अपार शारीरिक और मानसिक ऊर्जा का संगम है; युवाओं में भरपूर उत्साह होता है जिसे उचित दिशा देने की आवश्यकता है।
यदि युवा शक्ति को सच्चे मार्गदर्शक के नेतृत्व में रचनात्मक और सृजनात्मक कार्यों में लगाया जाए तो यह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान देती है।
Youth, is a combination of immense physical and psychic energy; youth possesses bundle of enthusiasm which need proper channel of release.
If this energy and enthusiasm is channelised for creative and constructive purposes it will contribute in the process of nation building.
Read another book by the author of Decoding Ambedkar:
At last got released on 1st May, after 5 years of labor, patience, loss of enthusiasm, and travelling lonely for one monograph. I hope academic fraternity will appreciate this foundational text on Dalit studies.
Please visit this site to read an listen Babasaheb's Writings and Speeches in Hindi, Marathi, English, Tamil and Gujarati. "बाबासाहेब के लेखन और भाषणों को हिंदी, मराठी, अंग्रेजी, तमिल और गुजराती में पढ़ने और सुनने के लिए कृपया इस साइट पर जाएं।"
पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति की जन संख्या 23.5 %, तमिल नाडू में 19%, पुडुचेरी में 15.7%, करेला में लगभग 10 % है। परन्तु इन राज्यों में किसी भी राजनैतिक दल में उनकी जनसँख्या के अनुपात में अनुसूचित जाति के लीडर नज़र नहीं आये।कितने जनतांत्रिक और सामाजिक न्याय प्रिय है ये सब दल।
आज बहनजी के ट्वीट में भारतियों एवं बौद्धों के लिए एक दृष्टिकोण -
"सत्य,अहिंसा,व मानवता के आदर्श को फैलाकर भारत को जगद्गुरु की विश्व ख्याति व् सम्मान दिलाने वाले तथागत (भगवन) गौतम बुद्ध को आज उनकी जयन्ती पर शत-शत नमन"
(विश्व के लगभग 170 देशों कुछ न कुछ व्यक्ति बुद्ध को मानते है)
जब आप ने 79 साल के बुजुर्ग को धोखा दिया,अपने बच्चों की कस्मे खा पूरे समाज को धोखा दिया की हम राजनीति नहीं करेंगे; जिस व्यक्ति का पहला आंदोलन आरक्षण के खिलाफ रहा हो उसे मुख्यधारा -उसको कोई धोखा कैसे दे सकता है।
इसे कहते हैं जैसा बोगे वैसा काटोगे।
अगर आप के सात में 85% और 15 % के अनुपात में प्रतिनिधित्व होता तो नैतिकता इस तरह नहीं लज्जित होती।
सत्ता के लालच में सामजिक-न्याय को क्यों भूल जाते हैं सामजिक-न्याय का दम भरने वाले दल ?
चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया, न्यायमूर्ति के॰ जी॰ बालकृष्णन के साथ मंच साझा करते हुए अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा था।
प्रोग्राम था जश्न -ए -संविधान (14 अप्रैल, 2006 ).