मुझे लगता है कि खान सर को एक सुनियोजित ट्रैप में फंसाया गया है !
ज़रा पूरी क्रोनोलॉजी समझिए —
> खान सर अंजना ओम कश्यप पर हमला करते है,
> गोदी मीडिया और अंजना ओम कश्यप को चैलेंज
करते है
> जैसे ही गोदी मीडिया एक्सपोज होने लगती है,गोदी
मीडिया या सरकार का कोई बड़ा दलाल ज्ञान बिंदु से
संपर्क करता है,और फिर गोलीबारी,लड़ाई, झगड़ा
FIR सब चालू हो जाता है,
> सोशल मीडिया युद्ध शुरू होते ही वही गोदी मीडिया
और उसके समर्थक ज्ञान बिंदु के गुणगान करने लगे।
चारों तरफ जबरदस्त PR मशीनरी एक्टिव हो गई।
> खान सर अब खान सर नहीं रहे,मीडिया अब फैसल
खान बुलाना चालू कर दी है,
कितनी तेजी से किसी व्यक्ति की छवि बदलने और उसे घेरने की कोशिश की जाती है, यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है।
यह मुर्दों का देश बनता जा रहा है—जहाँ आप सच बोलिए, सत्ता से सवाल पूछिए, मीडिया की पोल खोलिए, और फिर देखिए कैसे पूरी इकोसिस्टम आपके पीछे पड़ जाती है।