सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी की सुपुत्री के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही असत्य, भ्रामक और अपमानजनक सामग्री अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण तथा निंदनीय है। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और वैचारिक असहमति स्वाभाविक है, किंतु किसी भी व्यक्ति के परिवार, विशेषकर बेटियों को झूठे प्रचार और अपमान का विषय बनाना सार्वजनिक मर्यादा और सामाजिक संवेदनशीलता के विरुद्ध है।
प्रशासन एवं साइबर सेल से अपेक्षा है कि इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बेटियों का सम्मान दलगत राजनीति से ऊपर है और समाज को ऐसे कृत्यों के विरुद्ध एक स्वर में खड़ा होना चाहिए।