Almost all critics who are criticising the money spent for the UK tour of judiciary, are forgetting a much larger and serious issue.
When the top judiciary travel with the very politicians against whose excesses they are expected to protect the citizens, how can one hope for an unbiased handling of cases between private individuals vs Govt?
चीफ जस्टिस सूर्यकान्त और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल बेडमिंटन खेलने 6 दिन के टूर पर लंदन गए है
साथ मे किरीन रिजीजू और कुछ और मिलार्ड भी है
ये सभी ऑल इंडिया जजेज बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होने गए हैं
जाहिर है लकड़ी की नाव से तो गए नहीं होंगे..पेट्रोल और डॉलर भी खूब खर्च हुआ होगा
अब या तो BJP नेताओं ने नरेंद्र मोदी को सीरियस लेना बंद कर दिया है या फिर
नियम कायदे और देशभक्ति दिखाने का ठेका केवल आम जनता के लिए है?
जब प्रधानमंत्री ने कह दिया था आर्थिक संकट आने वाला हैं विदेश यात्रा अवॉयड करो खर्चे कम करो पेट्रोल डीजल, डॉलर बचाओ
तो बेडमिंटन खेलने लंदन जाना जरुरी था क्या?
और चीफ जस्टिस और बाकी जज लोग अगर बीजेपी नेताओं के साथ लंदन मे ऐसे कार्यक्रम मे शामिल होंगे तो क्या वो उनके खिलाफ कभी क़ोई फैसला सुना पाएंगे.?
सोचिये और बताइये?