कानून को बचाने वाले ही क़ानून की धज्जियां उड़ाते दिख रहे हैं,
जहां ये कॉल पर बात करते हुए अपने दो महिला मित्रों को अपनी बाइक पर बैठाए हुए हैं, जो कि क़ानून के विरुद्ध है।
पहले इनकी गाड़ी में कोई नम्बर प्लेट नहीं है, ऊपर से ये तीन-तीन बैठकर चल रहे हैं
वो भी लेडीज़...के साथ,
साथ में इन्होंने हेलमेट भी नहीं लगा रखा है और फोन पर बात कर रहे हैं।
इनका तो कम से कम 20 से 25 हजार का चालान कटना चाहिए, चालान ही क्यों कटना हैं? इनकी गाड़ी ही ज़ब्त करके थाने ले जानी चाहिए...
क्योंकि इतना क़ानून कोई आदमी तोड़ेगा तो उसकी गाड़ी थाने तो जाएगी, पर वापस नहीं आएगी ।
लेकिन ये लोग बेखौफ होकर चलते हैं, क्योंकि इनको सरकार की तरफ़ से वर्दी मिली है,
वर्दी तो बहाना है, इनको पूरी छूट मिली है कि तुम कोई भी क्राइम करो, चाहे क़ानून तोड़ो, तुमको कोई कुछ नहीं बोलेगा ।
ओर ये अपने महिला मित्रों के साथ आराम से पूरा कानून तोड़कर जा रहे हैं,
आम आदमी करता तो क्या कार्रवाई होती...?