Adi Shankaracharya estd the Eastern Math associated with Rigved called “Poorvamnaya Sri Govardhan Math, Puri Peeth”।१४५तम शङ्कराचार्य स्वा. निश्चलानन्द सरस्वती
उत्कलप्रान्त में सन्निहित श्रीजगन्नाथपुरी श्रीजगन्नाथ-धाम है।
इस ऐतिह्य तथ्य की अन्यत्र उद्भावना सर्वथा अनुचित है।
- निश्चलानन्द सरस्वती (श्रीमज्जगद्गुरु-शङ्कराचार्य पुरीपीठ)
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#धर्मसम्राट्#स्वामी#श्रीकरपात्रीजी महाराज के ११७वें प्राकट्य महोत्सव के अवसर पर श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी में जगद्गुरु शङ्कराचार्य महाभाग के मङ्गलमय सान्निध्य में भगवान् अर्द्धनारीश्वर का महारुद्राभिषेक, धर्मसभा, मुक्तिमण्डपसभा, निशुल्क-चिकित्साशिविर आदि विविध कार्यक्रम सम्पन्न हुए।
पुरी में श्रीचन्दनयात्रा में फटाकों के चपेट में आकर जो भक्त घायल हुए हैं; भगवान् श्रीजगन्नाथ की अनुकम्पा के अमोघ प्रभाव से वे यथाशीघ्र स्वस्थ हों; ऐसी भवना है।
साथ ही मनोरञ्जन विघातक न सिद्ध हो तदर्थ जागरूकता की अपेक्षा है।
-जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती
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श्रीरामजन्मभूमिसन्दर्भ
हितैषी तथा हितज्ञको विरोधी मानना मतिविभ्रम है। धार्मिक तथा आध्यात्मिक जगत् के विधि-निषेध लोभ, भय, कोरी भावुकता तथा अविवेकसे सर्वथा शून्य हैं। राजमदके वशीभूत होकर उनका समुच्छेद अनुगतोंके सहित स्वयंको दैवीप्रकोपका भाजन बनाना है।
निश्चलानन्दसरस्वती, श्रीमज्जगद्गुरु-शङ्कराचार्य , पुरीपीठ । @ANI@PMOIndia@narendramodi@myogiadityanath
*कृतज्ञता या कृतघ्नता*
जब आदित्यनाथ सांसद थे, तब मुलायमसिंह के द्वारा प्रदत्त यातना के कारण वे रो पड़े थे। उस समय मैंने ही उनका साथ दिया था। अब वे एक आतङ्कवादी को पूर्ण संरक्षण प्रदान कर उसे शङ्कराचार्य के रूप में ख्यापित कर रहे हैं। अपनी करनी पर विचार करें।
लोभ, भय, कोरीभावुकता और अविवेक के वशीभूत व्यक्ति शासनतन्त्र या व्यासपीठ से सम्बद्ध किसी भी पद पर प्रतिष्ठित क्यों न हो; उसका आचरण और वचन अनुकरणीय नही है। इस तथ्य को श्रीराम-जन्मभूमि के सन्दर्भ में भी हृदयङ्गम करने की आवश्यकता है।।