अंधेरे कमरे में मोमबत्ती की रोशनी और 8 साल के बच्चे ने कर दिया कमाल!
तमिलनाडु के शिवकाशी के रहने वाले 8 वर्षीय Tamizh Amudhan ने दुनिया को चौंका दिया, जब उन्होंने ऑनलाइन ब्लिट्ज मुकाबले में विश्व नंबर 7 जर्मन ग्रैंडमास्टर Vincent Keymer को हरा दिया।
लेकिन इस जीत से भी ज्यादा चर्चा उस तस्वीर की हो रही है जहां तमिझ एक अंधेरे कमरे में फर्श पर बैठे हैं, लैपटॉप तकिया पर रखा है, और रोशनी सिर्फ एक टिमटिमाती मोमबत्ती से आ रही है। शहर में तूफान के कारण बिजली चली गई थी, लैपटॉप की बैटरी खत्म होने वाली थी, और इंटरनेट मोबाइल हॉटस्पॉट से चल रहा था।
पर हालात चाहे जैसे भी रहे हों, हौसला नहीं डिगा। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उनके पिता ने उन्हें खेलने से मना भी किया, लेकिन तमिझ तैयार थे। उन्होंने सिर्फ चार गेम खेले और उन्हीं में से एक में उन्होंने दुनिया के टॉप खिलाड़ियों में शामिल कीमर को मात दे दी।
यह वही बच्चा है, जिसने कम उम्र में ही 2000 ELO रेटिंग पार कर ली, कैंडिडेट मास्टर बना और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।
यह तस्वीर सिर्फ एक जीत की नहीं, बल्कि जज़्बे, संघर्ष और सपनों की है जहां संसाधन कम थे, लेकिन हौसला दुनिया से बड़ा था
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