राजस्थान के जैसलमेर से मृत गायों की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने गाय की रक्षा के तमाम दावों की पोल खोल दी है। आपने राजनीतिक मंचों से गौ रक्षा के बड़े-बड़े नारे ज़रूर सुने होंगे। उन नारों और दावों की ज़मीनी हकीकत कई बार बेहद दर्दनाक तस्वीर पेश करती है। जैसलमेर से सैकड़ों की संख्या में मरी हुई गायों की सामने आई तस्वीरें यही सवाल खड़ा कर रही हैं कि आखिर गायों की देखभाल और संरक्षण के दावे कितने मजबूत हैं। बदहाल हालत में आवारा घूमती गायें और उनकी खराब स्थिति सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाती नजर आ रही हैं। गाय के नाम पर राजनीति करने वालों को इन हालातों पर भी ध्यान देना चाहिए। गौशालाओं, चारे, पानी और उपचार की बेहतर व्यवस्था की मांग एक बार फिर तेज हो गई है।
राजस्थान के जैसलमेर के रामगढ़ मार्ग पर नगरपरिषद का एक डंपिंग यार्ड है। उस क्षेत्र में करीब 500 से ज्यादा गायों के शव चारों ओर बिखरे हुए पड़े थे। अब उन मृत गायों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अब यहां से कई सवाल पैदा होते हैं। गाय की रक्षा के नाम पर गौरक्षकों का आतंक अक्सर देखने को मिलता है। उन तथाकथित गौरक्षकों ने किस तरह इंसानों के साथ हिंसा की है, उसके वीडियो भी अक्सर वायरल होते रहे हैं। क्या वो तथाकथित गौरक्षक जैसलमेर की इस तस्वीर पर विरोध प्रदर्शन नहीं करेंगे?