प्रयागराज के शैलेंद्र गौर ने बनाया क्रांतिकारी इंजन: 100cc बाइक देगी 176 KM का माइलेज, प्रदूषण शून्य!
प्रयागराज के साइंस ग्रेजुएट शैलेंद्र कुमार सिंह गौर ने ऑटोमोबाइल जगत में तहलका मचा दिया है। उन्होंने एक ऐसे इंजन का प्रोटोटाइप तैयार किया है, जो न सिर्फ माइलेज की दुनिया में क्रांति ला सकता है, बल्कि प्रदूषण को भी लगभग खत्म कर सकता है।
उनके दावे के मुताबिक, यह इंजन 100cc की बाइक को 176 किलोमीटर प्रति लीटर से ज्यादा का माइलेज दे चुका है, और थोड़े और फंड के साथ यह आंकड़ा 200 किलोमीटर से भी पार जा सकता है।
शैलेंद्र ने पारंपरिक इंटरनल कंबशन (IC) इंजन में मौलिक बदलाव किया है। पुराने इंजनों में अधिकतम थ्रट 25 डिग्री पर होता था, जिससे केवल 30% ऊर्जा का उपयोग हो पाता था। शैलेंद्र ने इसे बदलकर थ्रट को 60 डिग्री पर सेट किया, जिससे इंजन 70% तक ऊर्जा का उपयोग करता है।
नतीजा? बेजोड़ माइलेज और न्यूनतम प्रदूषण! उनके प्रोटोटाइप में साइलेंसर का तापमान बेहद कम रहता है और कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) की मात्रा लगभग शून्य है।
यह इंजन सिर्फ माइलेज और पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी बहुमुखी प्रतिभा के लिए भी खास है। यह पेट्रोल, डीजल, CNG और एथनॉल जैसे किसी भी ईंधन पर चल सकता है। यही नहीं, इस तकनीक का उपयोग
मोटरसाइकिल से लेकर पानी के जहाजों तक के इंजनों में किया जा सकता है।
शैलेंद्र की इस उपलब्धि के पीछे उनकी मेहनत और त्याग की लंबी दास्तान है। फंड की कमी के कारण उन्होंने अपनी सारी प्रॉपर्टी बेच दी और किराए के घर को ही वर्कशॉप में बदल लिया। MNNIT के प्रोफेसर अनुज जैन के साथ 6 महीने तक रोजाना 5-6 घंटे काम करके उन्होंने इंजन की बारीकियां सीखीं।
एक बार एक कंपनी ने उनके प्रोटोटाइप को 120 किमी/लीटर माइलेज के बावजूद खारिज कर दिया था, लेकिन कंपनी के मालिक के हस्तक्षेप से इसकी अहमियत समझी गई।
शैलेंद्र के नाम पर इस तकनीक के लिए दो पेटेंट (एक डिजाइन और एक प्रोसेस) दर्ज हैं, और वह जल्द ही और पेटेंट दाखिल करने की तैयारी में हैं। उन्होंने टाटा मोटर्स की यूके ब्रांच को भी प्रोटोटाइप के लिए प्रेजेंटेशन दिया था, जिसे सराहा गया।
शैलेंद्र गौर ने अपनी मायूसी जाहिर करते हुए कहा, “मैंने अपना काम कर दिया। अब यह देश पर निर्भर है कि वह इस तकनीक का उपयोग कैसे करता है।” उनकी यह खोज न सिर्फ भारत, बल्कि वैश्विक ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
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