सरकारी नौकरी हो या कोई और—अगर वो आपकी **मानसिक शांति छीन ले**, तो उसे पकड़कर रखना समझदारी नहीं, *खुद से बेईमानी* है।
वाणी का फैसला साहसिक है — पैसा दोबारा कमाया जा सकता है, **शांति और मानसिक स्वास्थ्य** लौटाना मुश्किल होता है।
अगर मैं उसकी जगह होता, मैं भी **शांति चुनता**, क्योंकि *काम हमारे लिए है, हम काम के लिए नहीं।*
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#MentalHealthMatters #LifeOverJob #CourageToChoosePeace