मीरा रोड, मुंबई में शांति भंग की गई,
( हिंदू समाज ने ऑनलाइन ट्रेंड चला दिया)
हल्द्वानी में फिर की गई ,
( हिंदू समाज ने ऑनलाइन दुख दिखा दिया)
आज बांग्लादेश में जो कुछ हो रहा,
आज भी हिंदू समाज केवल ऑनलाइन बैठे अपना नकली हिंदुत्व दिखा रहा है।
बोहोत आसान है ना? घर बैठे चिल्लाना , दीवारों और भय के पर्दों के पीछे से बैठ के अपने अधिकारों और अस्तित्व को मिटता देखना?
केवल ऑनलाइन 'जय श्री राम' और जीवन भर ट्विटर ट्रेंड चलाना यही कर सकते हैं हम।
कब हम अपने अधिकारों के लिए अपने हक के लिए मांग उठाना आरंभ करेंगे।
कब हम भूलेंगे अपने कायरपन को अपने मजबूरियों को और वास्तविकता में हिंदू बन कर लड़ेंगे और अपने पूर्वजों के बलिदान को सम्मान देंगे?
यही सवाल सालों से है, "कब"?