जो ना समझे वो "अनाड़ी" है...😉
#Slovakia की आबादी महज 54 लाख 20 हज़ार की है. यानी कि अहमदाबाद, सूरत या पुणे के बराबर.
सिर्फ 3 से साढ़े तीन हजार भारतीय वहां रहते हैं. जो आईटी प्रोफेशनल्स हैं या ऑटोमोटिव इंडस्ट्री में काम करते हैं.
मोदी जी की "डंका पीट" लोकप्रियता देखिए कि वो सभी अपना काम काज, नौकरी चाकरी छोड़कर उनके स्वागत में "मोदी मोदी मोदी मोदी" करने पहुंच गए हैं 😂😂
दरअसल क्या है कि अडानी समूह का इस समय सबसे बड़ा फोकस रिन्यूएबल एनर्जी मतलब सौर और पवन ऊर्जा पर है. स्लोवाकिया और पूरा यूरोपीय संघ इस समय ग्रीन एनर्जी और कार्बन-न्यूट्रल तकनीकों की तरफ बहुत तेजी से बढ़ रहा है.
स्लोवाकिया भौगोलिक रूप से सेंट्रल यूरोप के बिल्कुल बीच में स्थित है, जो इसे पूरे यूरोप के लिए एक बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनाता है. अडानी समूह भारत के बाहर अपने पोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क का विस्तार कर रहा है. इसके लिए जरूरी है कि स्लोवाकिया के साथ व्यापार के समझौते किए जाएं ताकि वहां जड़ जमा कर
#EU के बाजार में क्लीन एंड ग्रीन एनर्जी के धंधे के लिए पैर पसार जा सके.
दूसरा है टाटा समूह. जिसके प्रमोटर मोदी जी के साथ स्लोवाकिया गए हैं.
टाटा समूह की कंपनी जगुआर लैंड रोवर पहले ही स्लोवाकिया में लगभग 1.4 बिलियन यूरो यानी करीब 12,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश कर चुकी है. इसी समूह की कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी 'टाटा ऑटोकॉम्प' ने स्लोवाकिया के लोज़ोर्नो में लगभग 300 मिलियन यूरो यानी करीब 2,700 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अधिग्रहित किया है.
टाटा पावर सोलर' और 'अडाणी ग्रीन/सोलर' भारत में क्लीन एनर्जी और सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग के बाजार में नंबर वन बनने के लिए सीधे तौर पर मुकाबला कर रहे हैं. मुंबई जैसे महानगरों में बिजली सप्लाई के नेटवर्क को लेकर 'टाटा पावर' और 'अडाणी एनर्जी सॉल्यूशंस' के बीच सीधा कॉम्पिटिशन है. अब टाटा को इस कॉम्पिटिशन से हटाना है तो भरपाई के लिए उसे किसी दूसरे क्षेत्र में फायदा दिलाना होगा ना..😂
तीसरे हैं Amara Raja Group ke मालिक जयदेव गल्ला. जयदेव गल्ला तेलुगु देशम पार्टी से दो बार सांसद रह चुके हैं. 'अमारा राजा' भी यूरोप में इलेक्ट्रिक व्हीकल की बढ़ती मांग को लेकर स्लोवाकिया में बैटरी सेक्टर में बड़ा निवेश कर रही है.
मोदी सरकार में चंद्रबाबू नायडू की पार्टी
#TDP तीसरा सबसे बड़ा घटक दल है. जयदेव गल्ला ,चंद्रबाबू नायडू के सबसे करीबी लोगों में हैं जो उनकी पार्टी को आर्थिक मदद देते हैं.
चंद्रबाबू नायडू नाराज़ हो जायेंगे तो मोदी सरकार, गिर जाएगी.
मोदी जी ये रिस्क तो लेंगे नहीं तो वे जयदेव गल्ला के लिए भी काम करेंगे ही....
बाकी हम लोग मुदित मंत्रमुग्ध होकर "मोदी जप नाम" में सुध बुध खोये रहें. इसी से पेट भी भर जाएगा और हमारे बच्चों का भविष्य भी रोशन हो जाएगा...😌