नौ साल बीत गए लेकिन हम आज भी उसी दिन में जीते जिस दिन आपको हमसे छीन लिया गया क्यूंकि आपके सिवा कुछ था भी नहीं और आपके जाने के बाद कुछ है भी नहीं।
समय बदलता है पर कर्म नहीं इसलिए ना होने के बाद ,आज भी आप अनन्य लोगों के प्रेरणा स्रोत हैं।
हमारे नीरज को, मुझे या मेरे परिवार को किसी भी तरह की सहानुभूति की उम्मीद और आवश्यकता नहीं है। बस उन्हें अपनी प्रार्थना में याद रखिए। हम उनके न्याय के लिए लड़ते रहेंगे।
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