अयोध्या का राम मंदिर देश भर के तीर्थयात्रियों को अपनी ओर खींचने वाला विशाल चुंबक हैं क्योकि यह भारत ही नहीं दुनिया भर में फैले हिंदुओं की आस्था और धर्म का सबसे बड़ा प्रतीक है।
राम मंदिर इस समय गहन राजनैतिक भावनाओं के बीच एक तरह से बिजली का जलता तार बन गया हैं।जिसे कोई छूना नहीं चाहता हैं।सबसे चुनी हुई चुप्पी चुन ली हैं।धर्म के सबसे बड़े प्रतीक से आ रही अधर्म की खबरों पर गजब की खामोशी अख्तियार कर ली है।मामला जो धर्म का ठहरा,और भारत जैसे अत्यंत धार्मिक देश में धर्म से जुड़ी कोई भी चीज अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ होती हैं,और जब राजनीति में धर्म का नशा मिला हो या कहे राजनीति का आधार ही धर्म हो तो इस मामले पर “निल बटे सन्नाटा” होना अचंभित करता हैं।
अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में 7 करोड़ रूपये के हेराफेरी के आरोपों ने मन विचलित कर दिया हैं।
इस पूरे मामलें पर मंदिर के कर्ताधर्ताओं की सामूहिक चुप्पी ने मामलों को संदेह के घेरे में ला दिया है।आरोप सामान्य नहीं है,इसलिए सामान्य प्रतिक्रिया देकर इससे छुटकारा नहीं पाया जा सकता, इसके लिए असामान्य फैसले लेने होंगे।
राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी बताने वाले महिपाल सिंह का कहना कि मंदिर में रोज चोरी होती है,इसमें नया क्या हैं।राम मंदिर से आंदोलन से जुड़े भाजपा नेता विनय कटियार का उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करना,हनुमत किला पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास महाराज का कहना कि धुंआ उठा हैं,तो आग जरूर लगी होगी।महंत कमल नयन दास का कहना कि जांच कौन करेंगा,जांच करने वाले खुद बेईमान हैं।भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह का कहना कि अगर मैं सच बोल दूंगा तो परेशानी में पड़ जाऊँगा,क्योकि वे बहुत बड़े लोग हैं।भाजपा नेता डॉ रजनीश सिंह का पीएम को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग करना।
इन बयानों ने मामलें को बेहद गंभीर बना दिया हैं।
मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय को बताना चाहिए कि क्या कोई पैसे लेकर चंपत हो गया है?
भगवान राम मर्यादा और नैतिकता के शिखर पुरूष थे।श्रीमद् भागवत में धर्म के चार मूल्य बताए गए है। सत्य,करूणा,शुचिता और तपस।
राम रामराज्य के जनक थे।राम की रखवाली का ठेका जिनके जिम्में है,उन्हें हर तरह से पवित्र और हर विवाद से परे होना जरूरी हैं।
राम मंदिर से पैसे के गबन की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर अभी तक राम मंदिर को मिले चढ़ावे के एक एक रूपये का हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
हिंदू धर्म के आस्थावान करोड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई से राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया था।हर महीने करोड़ों रूपये का चढ़ावा आता हैं।पूरी पारदर्शिता और गहन जाँच आवश्यक हैं।हर बात को रामभक्तों के सामने खुलासा होना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी से उम्मीद है कि वह इस मामले में खुद दखल देंगे और सच को सामने लाएंगे।