एक विचारक होने के नाते कांग्रेस पार्टी के प्रचारकों के लिए भी मेरी एक सलाह है
अगर CJP हवा-हवाई पार्टी है तो इतना लोड क्यों लेना? विरोध में इतनी एनर्जी क्यों झोंकना? बबल है तो ख़ुद फूट जाएगा। अगर उनके 'कॉकरोचों' की बड़ी तादाद सिर्फ़ इंस्टाग्राम पर है तो आप अपने 'बब्बर शेर' के ज़रिए ग्राम ग्राम अपनी ताक़त दिखाइए। अपने अपने प्रदर्शनों के वीडियो और फ़ोटो दिखाइए लेकिन CJP से तुलना में पड़े बग़ैर। इससे कुछ हासिल नहीं होने वाला।
ठीक है कि कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता भी छोटे, मध्यम और बड़े, कई प्रदर्शन करते रहते हैं, लाठियां और पानी की बौछार खाते रहते हैं... नीट और सीबीएसई के मुद्दे पर भी किया है। उन प्रदर्शनों को और बड़ा कीजिए। देश बहुत बड़ा है। आबादी बहुत बड़ी है। पीड़ितों की तादाद बहुत बड़ी है। मुद्दे और भी हैं। आपको तो किसी ने रोका नहीं है अपनी ताक़त दिखाने को! आपकी शिकायत है कि मीडिया नहीं दिखाता, तो कब तक उस गोदी मीडिया की बाट जोहते रहेंगे जो आपकी गोद में तभी आएगा जब आपकी सत्ता आएगी। जब भी आए।
और आपको लगता है कि CJP का उठान या तूफ़ान तो सिर्फ़ सोशल मीडिया तक ही सीमित है... तो आप भी गांव-कस्बों की सोसाईटी से लेकर सोशल मीडिया पर छा जाइए। आपके ऑनलाइन सिपहसालार भी तो कम नहीं हैं! कम पाते हैं तो बढ़ाइए। जेन-ज़ी के दिल में उतरिए। और पहले से उतरे हुए हैं तो फिर चिंता किस बात की?
आख़िरी बात। CJP अपने जिस मक़सद या टास्क को हाथ में लेकर चल रहा है वो आपके कहने से तो रुकेगा नहीं। आपका विरोध उसे और लेजिटिमेसी ही देगा। इसलिए हे वत्स, CJP जो कर रहा है करने दें। आप अपनी रणनीति पर ध्यान दें।
सुझाव है। लेना है तो लीजिए। नहीं तो मत लीजिएगा। कोई ज़बर्दस्ती नहीं है।