पहला वनडे का पॉइंट।
सचिन शुरुआती मैचों में नंबर 6 पर खेलते थे जहां गेंदें ज्यादा नहीं मिलती थीं।
सचिन ओपनर नहीं थे तब।
जिन दो शुरुआती वनडे मैचों में सचिन शून्य पर आउट हुये, उनमें भारतीय टीम का कुल स्कोर ही 80 और 138 रन था।
तीसरे मैच में सचिन ने 92 स्ट्राइक रेट से 36 बनाए थे नंबर 6 पर आकर और भारत जीत गया था ।
बल्कि जिन भी मैचों के आंकड़े आपने दिए उनमें से जितने में सचिन ने 30 से ज्यादा बनाए, वो मैच भारत जीता था।
अगर 1989-90 के दौर में नंबर 6 पर उतर के 90 स्ट्राइक रेट से 30 प्लस रन बनाने को आप कम आँक रहे तो कुछ बोलना ही उचित नहीं।
दूसरा टेस्ट की बात
15,
59,
8,41
35,57
O,24
88,
ये सचिन की शुरुआती 6 टेस्ट मैचों में स्कोर हैं जो सभी विदेश में थे। चार पाकिस्तान दो न्यूज़ीलैंड।
जहां नंबर 6 पर आए।
शुरुआती 9 पारियों में तीन अर्धशतक।
शुरुआती 21 टेस्ट मैचों में सचिन 20 विदेश में खेले।
पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका।।
और इन बीस टेस्ट मैचों में चार टेस्ट शतक थे। चार अर्धशतक।
इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका में।
बस इतना ही।
शुरुआती दिनों में सचिन का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं था, उल्टा उनके आंकड़े निराश करने वाले थे। लंबे समय तक सचिन बहुत ख़राब खेलते रहे। ये शुरुआती दस मैचों के आंकड़े हैं।