Ji, jab government institutions me bed med compulsory hai to ... Private valo k liye kyu nhi .. ye ek bara scam hai desh k bhitar......
कोई खान सर से भी पूछ ले कि आपकी कक्षाओं में जो भाषा, जो शैली और जो सोच परोसी जाती है, क्या उससे वास्तव में एक सभ्य और सवाल पूछने वाला समाज तैयार हो रहा है ?
विडंबना देखिए, आपके लाखों विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तो कर रहे हैं, लेकिन मीडिया, व्यवस्था और सत्ता से एक सीधा प्रश्न पूछने का साहस भी नहीं जुटा पाते।
अगर शिक्षा का उद्देश्य केवल नोट्स रटवाना है, जिज्ञासा और प्रश्न पूछने की संस्कृति पैदा करना नहीं, तो फिर यह शिक्षण है या सिर्फ़ भीड़ तैयार करने की प्रक्रिया ?