तैरना हम नहीं सीख पाए, ये मलाल है,. हमारे लोग भैंस चराते , तालाब पोखरे, गडही यू ही हाथ - पाव मारते तैरना सीख लेते,. धीरे- धीरे तालाब पोखरे ग़ायब हुए, गड़हे पाट लिए गए और हमारी भावी नस्लें तैरना भूलती जा रही ।तैरना, पेड़ चढ़ना , कूदना , भागना … ये सब हुनर सीखते रहना चाहिए..