ग़ज़ब. इन्हीं गोदी चैनलों के कॉन्क्लेव में कोचिंग के स्टार टीचर को हीरो की तरह बुलाया गया। क्या कभी उन कार्यक्रमों में उनसे पूछा गया कि आप कोचिंग माफिया है? एक परीक्षा नहीं हो पा रही है देश में, इसमें कोचिंग माफिया का नाम लेने में ऐंकर गरज रहे हैं लेकिन NTA और CBSE का फोटो लगाकर उनका नाम लेकर सवाल पूछिए न। कितने चैनलों पर CBSE के चेयरमैन का इंटरव्यू चला है? मैं गोदी चैनल नहीं देखता , आपने देखा हो तो बताइये। छोटे छोटे बच्चे इंटरव्यू दे रहे हैं और जो बड़े पदों पर बैठे हैं, ग़ायब हैं। गोदी चैनल जिन्हें कोचिंग माफिया कह रहा है उनके स्टार टीचर को बुलाकर न्यूज़ रूम में ताली बजाता है और जिनकी जवाबदेही है वो माफिया की तरह पर्दे के पीछे छिपे नज़र आते हैं। कोचिंग पर बहस हो सकती है, अलग से कीजिए मगर आज सवाल परीक्षा का है। भारत कुछ भी कर लेगा, गोदी मीडिया के कारण उसे हर जगह शर्म से सर झुकाना ही पड़ेगा। देश में, विदेश में। ये विदेशी मीडिया का वैलिडेशन नहीं है, ये देश की जनता का मैंडेट है मीडिया को लेकर। गोदी मीडिया लोकतंत्र का हत्यारा है। यह बात न्यूयार्क टाइम्स ने नहीं कही है, हमने कही है। मैंने। पश्चिम की रैंकिंग न भी हो तो भी गोदी मीडिया क्या है, सारा देश जानता है। कम से कम गोदी ऐंकर बबीता मैडम से बोलना ही सीख लें।
शिक्षकों के सम्मान में बबीता मैडम भी आ गई मैदान में..
उन्होंने जबरदस्त ढंग से अंजना को रेलते हुए कहा कि अगर अंजना टीचरों को कह रही है कि टीचर दो कौड़ी की है तो अंजना खुद फूटी कौड़ी की ठहरी..!