केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल जी ने डॉ. राज भूषण चौधरी, केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री, भारत सरकार की उपस्थिति में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में नमामि गंगे के तहत प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में श्री राजीव कुमार मित्तल, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स और दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड में गंगा के मुख्य प्रवाह पर कोई प्रदूषित स्ट्रेच नहीं पाया गया, जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। समीक्षा में STPs की कार्यस्थिति, ड्रेनों के पूर्ण इंटरसेप्शन, निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति और हरिद्वार जैसे शहरों में भविष्य की मांग के अनुसार अतिरिक्त क्षमता सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया।
उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की गई, जहाँ 5500 MLD के आसपास सीवेज उत्पादन के मुकाबले व्यापक ट्रीटमेंट क्षमता विकसित की जा रही है। कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में नई STPs, ड्रेन टैपिंग, इंटरसेप्शन एवं डाइवर्जन कार्यों और लंबित परियोजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही भूमि उपलब्धता, स्वीकृतियों में देरी और DPR से जुड़ी चुनौतियों को तेजी से हल करने के निर्देश दिए गए।
माननीय मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि अगला फोकस शत-प्रतिशत सीवेज ट्रीटमेंट, सभी ड्रेनों का पूर्ण नियंत्रण और समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है ताकि गंगा में किसी भी प्रकार का अनुपचारित प्रवाह पूरी तरह समाप्त हो।