नालंदा की बावन बूटी साड़ी एवं फैब्रिक, गया के पत्थरकट्टी स्टोन क्राफ्ट तथा भोजपुर की पिढ़िया पेंटिंग को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग प्राप्त होना प्रसन्नता का विषय है।
GI टैग प्राप्त होने से इन उत्पादों की प्रामाणिकता और विशिष्ट पहचान को मजबूती मिलेगी। इससे बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया में और अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।
इस उपलब्धि पर राज्य के सभी शिल्पकारों, बुनकरों, कलाकारों एवं संबंधित संस्थाओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।