उनका नाम अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा था।
दोनों मध्य प्रदेश से थे। पुणे में नौकरी करते थे।
19 मई 2024 की रात वो अपनी बाइक से कल्याणी नगर से गुजर रहे थे।
तभी एक तेज रफ्तार Porsche Taycan ने उन्हें टक्कर मार दी।
दोनों की मौके पर मौत हो गई।
गाड़ी चला रहा था 17 साल का वेदांत अग्रवाल।
पुणे के बड़े बिल्डर विशाल अग्रवाल का बेटा।
उस रात वह दोस्तों के साथ बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट की पार्टी कर रहा था।
नाबालिगों को शराब परोसी गई।
₹48,000 की शराब दादा के क्रेडिट कार्ड से खरीदी गई।
शराब के नशे में उसने ₹2.4 करोड़ की बिना रजिस्ट्रेशन वाली Porsche सड़क पर दौड़ा दी।
पहला आदेश क्या आया?
300 शब्दों का निबंध लिखो।
पूरा देश गुस्से में था।
फिर शुरू हुई बचाने की कोशिशें।
पिता विशाल अग्रवाल गिरफ्तार हुए।
दादा और दो डॉक्टरों पर खून का सैंपल बदलने का आरोप लगा।
शराब पीने के सबूत मिटाने की कोशिश हुई।
रेस्टोरेंट की जांच हुई।
कुछ पुलिसकर्मी सस्पेंड हुए।
लेकिन अनीश और अश्विनी वापस नहीं आए।
उनका अंतिम संस्कार मध्य प्रदेश में हुआ।
परिवार आज भी इंसाफ का इंतजार कर रहे हैं।
एक अमीर नाबालिग ने लग्जरी कार से दो मेहनतकश लोगों की जान ले ली।
और फिर पूरा सिस्टम उस कहानी को दबाने में लग गया।
इस कहानी को गायब मत होने दीजिए।