राहुल गांधी जी ने INDIA गठबंधन की मीटिंग में जो बातें बोली हैं, वो यहां हैं 👇
मैं आज यहां उपस्थित आप सभी का स्वागत करना चाहता हूं। आने के लिए धन्यवाद।
कई साल पहले मेरी एक बहुत अच्छे मित्र से बहस हो गई थी। मैंने उनसे कहा था कि आप जो कर रहे हैं, वह अन्यायपूर्ण है। और उनका जवाब था - दुनिया ही अन्यायपूर्ण है, इसकी आदत डाल लीजिए।
आज कांग्रेस पार्टी के बारे में कही गई किसी भी बात का जवाब देना मेरा काम नहीं है। हमारा स्थान, शिव परंपरा के अनुसार, सब कुछ निगल जाने वाला है। नीले कंठ वाले शिव का विचार, जो सारा विष पी लेते हैं। आप चाहे मेरी आलोचना करें या कांग्रेस पार्टी की, हम उसे स्वीकार करेंगे, और चेहरे पर मुस्कान के साथ खुशी-खुशी स्वीकार करेंगे।
हम आपको खुश करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि हमारी भूमिका मूल रूप से आपसे अलग है। मैं यह अहंकार से नहीं कहता। हमारी भूमिका, जैसा आपमें से कई लोगों ने कहा है, आप सबको प्रेम और स्नेह के साथ एकजुट करना है।
मैं 2004 से कांग्रेस पार्टी का सांसद हूं, जब मैंने अपना पहला चुनाव लड़ा था। हमारी पार्टी भारत की बाकी सभी पार्टियों से मूल रूप से अलग ढंग से संगठित है - और मैं यह विनम्रता से कहता हूं।
क्यों? क्योंकि यह पार्टी तब प्रतिरोध आंदोलन के रूप में शुरू हुई थी, जब आधुनिक भारत अस्तित्व में नहीं था। बाकी सभी राजनीतिक दलों के विपरीत, उसे भारतीय राज्य की संरचना और संरक्षण से नहीं, बल्कि उसके बिना काम करना पड़ा। कांग्रेस पार्टी एक प्रतिरोध आंदोलन है, जो इस विचार की रक्षा करता है कि सभी भारतीय समान हैं।
हम मूल रूप से आरएसएस की दृष्टि के विरोधी हैं। हम मर जाएंगे-कांग्रेस पार्टी में मर जाएंगे - इससे पहले कि हम आरएसएस से समझौता करें। कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं के सिर काटने पड़ेंगे, तभी ऐसा हो पाएगा। मैं जानता हूं कि इस देश में लाखों-लाख कांग्रेस कार्यकर्ता हैं, जो कहेंगे - हमारे सिर काट दो, लेकिन हम आरएसएस के सामने नहीं झुकेंगे ।
मुझे यह कहते हुए अफसोस है कि इस समूह में कुछ भ्रम है। भ्रम यह है कि आप में से कुछ - सपा, टीएमसी, आरजेडी आदि - अभी भी मानते हैं कि आपके पास जो राजनीतिक साधन हैं, वे अभी भी काम करेंगे। ये तभी काम करते थे जब भारतीय राज्य ने आपको निष्पक्ष मैदान दिया था। वह मैदान अब मौजूद नहीं है। भाजपा चुनाव आयोग, कानूनी व्यवस्था, नौकरशाही, सीबीआई और खुफिया एजेंसियों को नियंत्रित करती है। भाजपा चुनाव आयोग तक को नियंत्रित करती है।
टीएमसी में मेरे कई दोस्त हैं। वे आश्वस्त थे कि वे चुनाव में भारी जीत हासिल कर रहे हैं। मैं उन्हें बार-बार बताता रहा - आप सपनों की दुनिया में हैं। मैंने देखा है कि क्या होता है। मैंने गुजरात में देखा है, मध्य प्रदेश में देखा है, छत्तीसगढ़ में देखा है, हरियाणा और महाराष्ट्र में देखा है। और फिर भी आपमें से कई लोग अभी भी आश्वस्त नहीं हैं।
कांग्रेस पार्टी प्रतिरोध की पार्टी है। उसे काम करने के लिए भारतीय राज्य की तटस्थता की जरूरत नहीं है। वास्तव में, भारतीय राज्य की संस्थाएं जितनी अधिक नियंत्रित होती जाती हैं, कांग्रेस पार्टी उतनी ही अधिक संविधान की रक्षा के लिए लड़ेगी। हम सभी कांग्रेस पार्टी के आदर्शों को साझा करते हैं।
वे आदर्श क्या हैं? सत्य, अहिंसा और करुणा।
यहां मुख्य मुद्दा क्या है? मुझे आपसे लड़ने में कोई रुचि नहीं है। आपसे लड़ने के लिए मुझे पागल होना पड़ेगा। क्योंकि आप हमारे सहयोगी हैं, आप हमारे दोस्त हैं, आप वे लोग हैं जिनसे हम प्रेम करते हैं।
कृपया समझिए: हमने पिछला चुनाव 2024 में नहीं हारा। हमने 2024 का चुनाव नहीं हारा। आप मुझसे पूछिए - नितीश जी ने छोड़ दिया था। यह हमारी वजह से नहीं था, कांग्रेस की वजह से नहीं था।
मैं आपको बताऊंगा कि निकट भविष्य में वे छोटे-छोटे औजार भी काम करना बंद कर देंगे, जिनका इस्तेमाल भाजपा और आरएसएस के खिलाफ किया जा सकता था। वे भारतीय राज्य पर अपनी पकड़ और मजबूत कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने 1947 में जितनी ताकतवर मशीन का सामना किया था, आज फिर से उतनी ही ताकतवर मशीन का सामना कर रही है। गांधी जी के यह कहने के अगले ही दिन कि हमें आजादी चाहिए, हम एक प्रतिरोध आंदोलन बन गए थे।
अगर राजनीतिक दल काम नहीं कर सकते, तो क्या काम कर सकता है? प्रतिरोध काम करता है। प्रतिरोध हर जगह काम करता है। जहां भी हम प्रतिरोध करते हैं, वह काम करता है। मैंने इसे अपनी आंखों से देखा है। मैंने 4,000 किलोमीटर देशभर में चला हूं। युवा प्रतिरोध करता है, तो काम करता है। आपको राजनीतिक ढांचा नहीं चाहिए। आपको नौकरशाही की जरूरत नहीं। आपको खुफिया एजेंसियों की जरूरत नहीं। आपको प्रतिरोध का कर्म करना होगा - अर्थात मैं प्रतिरोध करूंगा। मैं आपको नहीं रुकने दूंगा !
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@RahulGandhi